हैदराबाद दुष्कर्म : राष्ट्रीय आयोग ने मुठभेड़ की जांच शुरू की

0

हैदराबाद में एक वेटनरी डॉक्टर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के सभी चार आरोपी शुक्रवार तड़के पुलिस के साथ कथित तौर पर हुई मुठभेड़ में मारे गए थे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक तथ्यान्वेषी (फैक्ट-फाइडिंग) टीम ने इस मामले की जांच शनिवार को शुरू कर दी। हैदराबाद आने के बाद टीम सीधे महबूबनगर शहर पहुंची, जहां उन्होंने सरकारी अस्पताल के शवगृह में जाकर मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के शवों की जांच की।

टीम ने शोवों पर गोलियों से बने घावों की जांच की और शव का परीक्षण करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों से भी बात की। अस्पताल प्रशासन ने शुक्रवार देर रात को हुए शव परीक्षण का वीडियो भी टीम को दिखाया।

आयोग के जांच अधिकारियों ने संबंधित अन्य जानकारियों को प्रशासन से भी प्राप्त किया। उन्होंने बाद में चार मृतकों के परिवारों के बयानों को भी दर्ज किया।

इसके बाद टीम हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर शादनगर के पास चटनपल्ली गई, जहां पुलिस के साथ मुठभेड़ में ये चारों आरोपी मारे गए थे।

टीम मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा करेगी।

आयोग ने शुक्रवार को हुई इस घटना का संज्ञान लेते हुए इस पर जांच के आदेश दिए। आयोग ने कहा है कि यह मुठभेड़ एक चिंता का विषय है और इसकी सावधानी से जांच किए जाने की जरूरत है।

आयोग ने महानिदेशक (जांच) को तथ्यों का पता लगाने और घटनास्थल की जांच करने के लिए तुरंत एक टीम भेजने को कहा। आयोग के जांच प्रभाग की टीम का नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) करेंगे।

मानवाधिकार आयोग का यह भी मानना है कि पुलिसकर्मी आरोपियों द्वारा अंजाम दी जाने वाली इस तरह की संभावित घटना को लेकर सतर्क और तत्पर नहीं थे, जिस कारण चारों की मौत हो गई।

आयोग ने कहा, “जांच के दौरान पुलिस द्वारा इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और सक्षम अदालत द्वारा मामले में फैसले को सुनाया जाना अभी बाकी था। यदि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति वाकई दोषी हैं, तो उन्हें सक्षम अदालत के निर्देशानुसार कानून के मुताबिक दंडित किया जाना था।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleउन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को 25 लाख रुपये देगी योगी सरकार
Next articleन्यायिक प्रक्रिया बहुत महंगी हो गई है : राष्ट्रपति कोविंद
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here