ओडिशा में तूफान तितली ने दी दस्तक

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ओडिशा के गोपालपुर में गुरुवार को 126 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान तितली ने दस्तक दी है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मौसम विभाग के अनुसार, तूफना तितली दक्षिणी ओडिशा -उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर गया है जिससे ओडिशा के आठ जिलों गंजम, गजपति, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, भद्रक और बालासोर में भारी बारिश हुई और कई पेड़ उखड़ गए। तीन लाख लोगों को यहां से सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है।

विशेष राहत आयुक्त बिष्णुपदा सेठी ने कहा कि अब तक गजपति जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जिला मुख्यालय से मोहन और काशीनगर जैसे विभिन्न हिस्सों तक सड़क संचार बाधित हो गया है।

ओडिशा के बालासोर में 117 मिलीमीटर तक भारी बारिश हुई और पारादीप में 111 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम संबंधी भविष्यवाणी करने वाली कंपनी स्काईमेट ने कहा कि गोपालपुर, जहां चक्रवाती तूफान पहुंचा है, वहां अब तक 97 मिलीमीटर बारिश हुई है और इस क्षेत्र में भारी बारिश होने की आशंका है।

भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एचआर बिस्वास ने कहा, “तितली ओडिशा तट को दो से तीन घंटों में पार कर जाएगा।”

मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में जाने से मना कर दिया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि यह तूफान श्रीकाकुलम जिले के पलासा को सुबह 4.30 और 5.30 बजे के बीच पार कर गया।

विस्थापितों के लिए कुल 1,112 राहत शिविर खोले गए हैं।

ओडिशा के मुख्य सचिव आदित्य पाधी ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ियों को गुरुवार और शुक्रवार को बंद रखे जाने की घोषणा की।

प्रभावित इलाकों में कुल 13 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और नौ ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल (ओडीआरएएफ) की टीमें तैनात की गई हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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