नीट के नियम से लाखों छात्र हलकान, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, जानिए इसके बारे में !

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बताया जा रहा है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा देशभर के चिकित्सा महाविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली ‘नीट’ परीक्षा के एक नियम ने लाखों छात्रों को सांसत में डाल दिया है। साथ ही उनका भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सहित अन्य को पत्र भी लिखा गया है। नीट के नियम 7 और 8 ने छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। नियम के मुताबिक, सभी अभ्यार्थियों के लिए 12वीं में भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी को मिलकर दो वर्ष का नियमित एवं निरंतर अध्ययन किया होना चाहिए। दो से ज्यादा वर्षो में यह परीक्षा पास करने वालों को प्रवेश परीक्षा के लिए अयोग्य करार दिया गया है।

आगे कहा गया है कि ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा मुक्त विद्यालय या प्राइवेट अभ्यर्थी के तौर पर उत्तीर्ण की है, वह राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा 12वीं के स्तर पर जीव विज्ञान व जैव प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त विषय के रूप में किए गए अध्ययन की भी अनुमति नहीं होगी।

सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने नए नियमों पर सख्त आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि वर्ष 2017 की नीट परीक्षा तक ऐसा कोई नियम नहीं था, लेकिन अब अचानक नीट परीक्षा के ठीक कुछ समय पहले ही इस नियम को लागू कर दिए जाने से कई अभ्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। पहले किसी कारण से जिन छात्रों ने कक्षा 11वीं एवं 12वीं की परीक्षा दो वर्ष से ज्यादा समय में पूरी की हैं या 12वीं एनआईओएस से पास की है, उनके लिए यह नियम मुसीबत बन गया है।

उन्होंने आगे कहा है कि विशेष कर शिक्षा क्षेत्र में ऐसा कोई भी नियम पूर्वगामी तिथि से लागू करना प्राकृतिक न्याय के मान्य सिद्धांतों के खिलाफ है।

गौड़ ने प्रधानमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, भारतीय चिकित्सा परिषद को पत्र लिखकर कहा है कि यह नियम ऐसे लाखों अभ्यर्थियों एवं उनके माता-पिता के लिए किसी बड़े आघात से कम नहीं है जो कर्ज लेकर, खेत-खलिहान बेचकर कोटा, इंदौर, दिल्ली, पटना जैसे शहरों रहकर पूरे साल-साल भर से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यह नियम उन्हें परीक्षा से वंचित कर देगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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