Human trafficking case : मुक्त कराई गईं लड़कियों से मिले सीएम हेमंत सोरेन

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर मानव तस्करी रैकेट से मुक्त कराई गईं 45 लड़कियों को वापस उनके घर पहुंचाया जा रहा है। झारखंड सरकार इन बच्चियों के पुनर्वास पर भी काम करने जा रही है। सभी बच्चियों को शनिवार को दिल्ली से वापस झारखंड ले जाया गया, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वापस लाई गईं बच्चियों से मुलाकात की। दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत की ओर से दिल्ली में मानव तस्करी के रैकेट से रेस्क्यू करवाई गई लड़कियों को झारखंड वापिस लाने की पहल की गई थी। इस पर झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से संपर्क किया और मालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संज्ञान में ये बात पहुंचाई, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को पूर्ण रूप से सहयोग करने और जल्द प्रक्रिया शुरू करवाने के निर्देश दिए।

बीते कई सालों से स्वाति मालीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली महिला आयोग झारखंड से दिल्ली में मानव तस्करों द्वारा लाई गई कई बच्चियों को रेस्क्यू करवा चुकी है। इन बच्चियों को झारखंड और अन्य राज्यों से प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा दिल्ली लाया जाता है और उन्हें दिल्ली लाकर बेच दिया जाता है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति ने कहा, “झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की ये पहल बेहद सराहनीय है। हम झारखंड की कई बच्चियों को रेस्क्यू करवा चुके हैं। अब उन सब बच्चियों को वापस घर पहुंचाया जा रहा है और उनका पुनर्वास भी किया जाएगा। ये बहुत ही जरूरी है कि इन सभी बच्चियों को एक अच्छी जिंदगी मिले, मुझे खुशी है कि सरकार ये काम करने जा रही है।”

न्यजू स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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