हुआवेई और अल्सटॉम : दो कंपनियों की एक कहानी

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साल 2013 में फ्रांसीसी औद्योगिक समूह अल्सटॉम के कार्यकारी फ्रेडरिक पेयरूकी को गिरफ्तार किया गया और अमेरिका ने अल्सटॉम को ‘विघटित’ कर दिया। पांच साल बाद, हुआवेई की सीएफओ मेंग वानझोउ को भी गिरफ्तार कर लिया गया और अब वाशिंगटन दुनिया भर में चीनी दूरसंचार दिग्गज हुआवेई पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि ‘अमेरिकी जाल’ में कितने और ‘शिकार’ फंसेंगे? 14 अप्रैल, 2013 को फ्रेडरिक पेयरूकी का जीवन हमेशा के लिए बदल गया। वह एक फ्रांसीसी शक्ति और परिवहन समूह अल्सटॉम के एक कार्यकारी थे। उस दिन, उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में एफबीआई ने जॉन एफ कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया। उन पर साल 2003-04 में अल्सटॉम में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था।

पांच साल बाद, दिसंबर 2018 को, चीनी दूरसंचार दिग्गज हुआवेई की सीएफओ मेंग वानझोउ को अमेरिका के अनुरोध पर वैंकूवर में गिरफ्तार किया गया। उन पर तथाकथिक धोखाबाजी करने का आरोप लगाया गया। बाद में, दोनों ने पाया कि उनकी गिरफ्तारी एक छल के तहत हुई, जहां अमेरिका की न्यायिक शक्ति को व्यापार की दुनिया में दखल दिया गया था।

फ्रेडरिक पेयरूकी ने सीजीटीएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “उन्होंने मुझे अल्सटॉम के सीईओ पर दबाव डालने के लिए गिरफ्तार किया। उस समय, मैं राष्ट्रपति के करीब था। मुझे गिरफ्तार करने का मतलब खुद सीईओ को गिरफ्तार करना था। अमेरिकी न्याय विभाग ने उन पर सहयोग करने के लिए दबाव डाला। उस समय एफसीपीए के तहत 700 मिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक दंड देने के लिए सहमत हुए। उन्हें अपने अमेरिकी प्रतियोगी जनरल इलेक्ट्रिक को अल्सटॉम का 70 प्रतिशत बेचने के लिए मजबूर किया गया।”

एक बार फ्रांस की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक, अल्सटॉम अमेरिकियों द्वारा विघटित हो गया। फॉरेन करप्ट प्रैक्टिस एक्ट 1977 का जन्म अमेरिकी कंपनियों के भ्रष्टाचार प्रथाओं को प्रतिबंधित करने के लिए एक घरेलू कानून के रूप में हुआ था। लेकिन बाद में अमेरिकी सरकार ने पाया कि इसने अमेरिकी उद्यमों को विदेशी प्रतिस्पर्धा में वंचित स्थिति में डाल दिया।

इस कानून को अंतर्राष्ट्रीय बनाने के लिए बहुत प्रयास किए गए। अमेरिका के साथ ‘न्यूनतम संपर्क’ रखने वाली कोई भी कंपनी कानून के दायरे में आती है। इसमें अनुबंधों में अमेरिकी डॉलर का उपयोग करना और एक अमेरिकी सर्वर के माध्यम से एक ईमेल भेजना शामिल हो सकता है।

लेकिन ऐसा लगता है कि यह अधिनियम अमेरिकी लोगों की तुलना में अधिक यूरोपीय कंपनियों को लक्षित करता है। जब से यह लागू हुआ, सभी 29 कंपनियों में से, जिन्होंने अधिनियम के आधार पर 100 मिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना अदा किया। यह वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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