Nitin Gadkari के नागपुर मॉडल से 54 हजार लोगों को कैसे मिलीं नौकरियां?

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसदीय क्षेत्र नागपुर में एक ऐसा मॉडल बनाया कि 54 हजार से ज्यादा लोगों को अच्छी कंपनियों में नौकरियां मिल गईं। यह उपलब्धि हासिल हुई मिहान यानी ‘मल्टी-मॉ इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर’ नामक प्रोजेक्ट से।

नागपुर और विदर्भ के विकास के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए शुरू हुआ उनका यह प्रोजेक्ट सफल रहा है। इसी के साथ उन्होंने वर्ष 2014 का जनता से किया वह वादा पूरा कर दिखाया है, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में 50 हजार नौकरियां देने की बात कही थी।

दरअसल, अपनी खास भौगोलिक स्थिति के कारण हवाई और रेल यातायात के लिए नागपुर महत्वपूर्ण है। ऐसे में नितिन गडकरी ने नागपुर और विदर्भ क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट ऐट नागपुर (मिहान) प्रोजेक्ट शुरू किया। वर्ष 2009 से ही वह इस दिशा में कार्य में जुट गए।

गडकरी ने नागपुर में विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की स्थापना की। कुछ कंपनियां आईं, लेकिन बाद में वे स्थान छोड़कर जानें लगीं। वजह कि तब भाजपा की सरकार नहीं थी। वर्ष 2014 में नागपुर में नितिन गडकरी ने 50 हजार नौकरियों का वादा किया। 2014 का लोकसभा चुनाव जीतकर नितिन गडकरी नागपुर से सांसद बने और फिर मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री। इसके बाद उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने पर फोकस तेज किया। इस बार तमाम बड़ी कंपनियों ने मिहान प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई। कई कंपनियों निवेश के लिए सामने आईं।

एयर इंडिया ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से नागपुर में 4500 लोगों को नौकरियां दीं तो एचसीएल ने ढाई हजार और टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने 7500 लोगों को रोजगार दिए हैं। इसी तरह 170 से अधिक कंपनियों के निवेश से रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।

नितिन गडकरी के कार्यालय ने आईएएनएस को सभी कंपनियों की ओर से दिए गए रोजगार का ब्यौरा उपलब्ध कराते हुए बताया कि पिछले छह वर्षों के भीतर नागपुर में 54868 लोगों को नौकरियां मिल चुकीं हैं। नागपुर में उद्योगों की स्थापना और विकास परियोजनाओं के कारण ये नौकरियां सृजित हुईं। विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के तहत कुल 36 407, नॉन सेज के तहत कुल 16162 नौकरियां मिलीं हैं। वहीं सेंट्रल फैसिलिटी बिल्डिंग मिहान सेज के माध्यम से 2299 लोगों को नौकरियां मिलीं। आगे और नौकरियां नागपुर के लोगों को मिलेंगी।

न्यज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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