फिल्म समीक्षा- ऊंची दुकान पर फीके पकवान को प्रदर्शित करती है मल्टीस्टारकास्ट हाउसफुल4

0

फिल्म-हाउसफुल4
निर्माता– साजिद नाडियावाल
निर्देशक–  फरहाद सामजी
कास्ट– अक्षय कुमार, बॉबी देओल, रितेश देशमुख, कृति सैनन, कृति खरबंदा, पूजा हेगड़े, चंकी पांडेय,नवाजुद्दीन
फिल्म टाइप– कॉमिडी,ड्रामा
समय– 2 घंटा 30मिनट
रेटिंग-*
बजट– 80 करोड़

बॉलीवुड की मोस्ट अवेटेड फिल्म हाउसफुल4 आज रिलीज हो गई है।पिछले काफी समय से फिल्म का इंतजार किया जा रहा था।ऐसे में फिल्म ने बड़े बैनर के साथ अब सिनेमाघरो में दस्तक दे दी है।हिंदी की एक कहावत जो कि आम तौर पर इस्तेमाल की जाती है खाने के दांत दिखाने को और ओर खाने के और होते है।तो सभी ने सुनी होगी यदि इस फिल्म का रिव्यू भी एक लाइन में देना पड़े तो सरलता से ये लाइन बोली जा सकती है।जी हां अब इसके बाद फिल्म कैसी होगी ये तो हम समझ ही चुके है। अक्षय कुमार, बॉबी देओल, रितेश देशमुख, कृति सैनन, कृति खरबंदा, पूजा हेगड़े, चंकी पांडेय और ढेर सारे सितारों के बावजूद ‘हाउसफुल 4’ ‘बड़ा पैकेट छोटा धमाल’ निकलती है।

कहानी- फिल्म की कहानी शुरू होती है लंदन से जहां तीन भाई हैरी (अक्षय कुमार) , रॉय (रितेश देशमुख) और मैक्स (बॉबी देओल) ने गुंडे माइकल भाई के 5 मिलियन डॉलर लौटाने हैं। पैसा लौटाने के लिए तीनों अमीर शख्स ठकराल (रंजीत) की तीनों बेटियों कृति, नेहा और पूजा को फंसाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद सभी शादी के लिए सितमगढ़ जाते हैं। यह वही जगह है जहां 600 साल पहले यानी साल 1419 में साथ थे। फिल्म में हैरी का रोल निभा रहे अक्षय कुमार को बीती बातें याद आती हैं। उन्हें याद आता है कि 600 साल पहले वो राजकुमार बाला देव सिंह थे जिनकी शादी मधु (इस जन्म में कृति) यानी कृति सेनन से होने वाली थी। जबकि इस जन्म में वो पूजा (पूजा हेगड़े) से शादी करने जा रहे हैं। इसके बाद शुरू होती है फिल्म की कहानी जिसमें इस जन्म के किरदारों को पिछले जन्म से जोड़ा जाता है। वहीं इस दौरान कई नए किरदारों की एंट्री होती है। जिससे फिल्म उलझी हुई लगती है।

हालांकि पहले पड़ाव में फिल्म को हम कैसे भी करके झेल लेते है लेकिन इसके बाद जो फिल्म में कचरा किया गया है वो वाकई में सिनेमाघरो से बाहर करने की दस्तक देता है। कृति सेनन, कृति खरबंदा और पूजा हेगड़े के ग्लैमरस अंदाज के साथ- साथ उनका देसी लुक भी देखने को मिलता है जिसमें तीनों काफी खूबसूरत लगती हैं। फिल्म स्लो है जो धीरे- धीरे आगे बढ़ती है। कई सीन्स बोर करते हैं वहीं फनी सीन्स पर भी हंसी नहीं आ पाती। फिल्म खिंची हुई लगती है और सेकंड हाफ में बोर करने लगती है।

ऐसे में फिल्म खत्म होते होते दर्शक अपने आपको बेहद सुस्त और समय बर्बादी मानने पर मजबूर हो जाता है।ऑवर ऑल ये फिल्म पैसा बर्बादी है।

एक्टिंग- बात यदि कलाकारों की एक्टिंग की करें तो क्योंकि ये फिल्म एक कॉमेडी ड्रामा है लेकिन इसमें सितारों की इतनी ऑवरएक्टिंग नजर आती है कि ना चाहते हुए भी दर्शक सितारों की इस फिजुल एक्टिंग पर हंसने लगता है।फिल्म की तीनो अभिनेत्रियों को एक साथ स्क्रीन शेयर करते देखना काफी बोरिंग होता है जहां तीनो को देख साफ तौर पर जाहिर होता है कि वो अपने को हाईलाइट करने के लिए कितना कुछ करती है।हालांकि फिल्म के सपोर्टिंग किरदार इसमें बाजी मार गये।

खैर अब 80 करोड़ के बजट में तैयार हुई ये फिल्म पूरी तरह से फ्लॉप होने की कगार पर आने वाल है।इस फिल्म की टक्कर राजकुमार राव की मेड इन चाइना जिसे भले ही कम रिव्यू मिले हो लेकिन इससे काफी अच्छे मिले है तो वही दूसरी तरफ तापसी-भूमि की सांड की आंख है जिसे सिर्फ इस फिल्म से डर था।खैर अब ये तो कलेक्शन आने पर ही पता चल पाएगा फिल्म ने कमाई में क्या कमाल किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here