गृह मंत्रालय ने निर्भया कांड के दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजी

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गृह मंत्रालय ने निर्भया कांड के दोषियों में से एक मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दी है। मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। वर्ष 2012 में चलती बस में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के मामले में चार दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय से समीक्षा के लिए भेजे जाने और इसे प्राप्त करने के कुछ घंटे बाद ही गुरुवार रात इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया।

इससे पहले दिल्ली सरकार ने निर्भया कांड के दोषी मुकेश की दया याचिका को खारिज करते हुए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय को भेजा था। इसके बाद इसे गृह मंत्रालय को भेजा गया, जहां से अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया है।

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को तिहाड़ जेल प्रशासन के अधिकारियों को मुकेश की दया याचिका के लंबित रहने के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल अधिकारियों से मुकेश की दया याचिका और निष्पादन (फांसी) की तारीख को स्थगित करने के संबंध में की गई कार्रवाई पर बात करते हुए दिल्ली जेल नियम की धारा 840 के तहत एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

हालांकि, न्यायाधीश ने अभी के लिए फांसी दिए जाने की तारीख को बदलने से इनकार कर दिया। इससे पहले, चारों आरोपियों के खिलाफ जारी फांसी के आदेश पर हस्तक्षेप करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया था।

16 दिसंबर, 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 23 वर्षीय महिला के साथ छह आरोपियों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म कर उसे घायल कर दिया था, बाद में छात्रा की मौत हो गई थी।

सभी छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में से एक नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर न्याय अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर दी थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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