होलाष्टक में नहीं होंगे शुभ काम काज, अष्टमी से पूर्णिमा तक बना रहेगा दोष

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हिंदू धर्म में रंगों का महापर्व होली को प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता हैं। वही पंरपरा के मुताबिक होली से पहले होलिका दहन की विशेष परंपरा होती हैं।Image result for holiवही होलाष्टक दो मार्च 2020 से नौ मार्च तक लग रहा हैं। इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस अवधि में अगर कोई ऐसा करता हैं तो परेशानियों का सामना भी जातक को करना पड़ सकता हैं वही ज्योतिष के मुताबिक होलाष्टक दो मार्च दिन सोमवार को दोपहर 12:52 बजे से प्ररंभ हो रहा हैं यह नौ मार्च को समाप्त होगा। Image result for holiफाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा तक होलाष्टक दोष बना रहेगा। जिसमें किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य करना वर्जित होगा। मुहूर्त विज्ञान और ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक इस अवधि में विशेष रूप से शादी विवाह, नए निर्माण व नए कार्यों को आरंभ नहीं ​करना चाहिए। ऐसा ज्योतिष शास्त्र का कथन हैं। इन दिनों में किए जाने वालें कार्यों से जातक को कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका बनी रहती हैं।

वही विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह का शिकार हो जाते हैं या फिर अकाल मृत्यु का खतरा या बीमारी होने की भी आशंका बनी रहती हैं। वही होली के आठ दिन पूर्व से ही होलाष्टक की शुरूआत हो जाती हैं होलाष्टक शब्द होली और अष्टक दो शब्दों से मिलकर बना हुआ हें इसका मतलब होता हैं होली के आठ दिन। Image result for holiहोलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से आरंभ होकर फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तक बना रहता हैं। वही अष्टमी तिथि से शुरू होने के कारण भी इसे होलाष्टक कहा जाता हैं होली आने की पूर्व सूचना होलाष्टक से प्राप्त होती हैं इसी दिन से होली उत्सव के साथ साथ होलिका दहन की भी विशेष तैयारियां आरंभ हो जाती हैं। Image result for holi

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