जानिए पूजा में घर के मर्द ही क्यों फोड़ते हैं नारियल

0
152

हिंदू परंपराओं में नारियल को खास महत्व दिया गया हैं। मगर कम ही लोग इस बात को जानते हैं,कि पूजा में पुरुष ही नारियल फोड़ते हैं। जबकि घर की महिलाओं का नारियल फोड़ना वर्जित माना जाता हैं।

ब्रह्मा,विष्णु और महेश का प्रतीक हैं नारियल—
हिंदू मान्यताओं के मुताबिक हर कर्मकांड में नारियल को जोड़ा जाता हैं। नारियल को श्रीफल भी का जाता हैं,और इसे शुभ,समृद्धि,सम्मान,उन्नति व सौभाग्य का सूचक माना गया हैं। ऐसा माना जाता हैं,जब भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर अवतार लिया तो वे अपने साथ तीन चीजें,लक्ष्मी,नारियल का वृक्ष तथा कामधेनु लेकर आए थे। इस कारण से नारियल के वृक्ष को कल्पवृक्ष भी कहा जाता हैं।

बता दें कि नारियल में ब्रह्मा,विष्णु और महेश तीनों ही देवताओं का वास माना जाता हैं। इसके अलावा,नारियल में बनी तीन आंखों को त्रिनेत्र के रूप में भी देखा जाता हैं।

जानिए महिलाओं के लिए क्यों वर्जित हैं नारियल फोड़ना—
नारियल दरअसल बीज रूप हैं,जिसके चलते इसे उत्पादन यानी प्रजनन क्षमता से जोड़कर देखा जाता हैं। चूंकि प्रकृति ने प्रजनन की जिम्मेदारी महिलाओं की दी हैं। इसी कारण से स्त्रियों के लिए बीज रूपी नारियल को फोड़ना वर्जित कि गया हैं।

बलि की परंपरा की जगह पर आया नारियल फोड़ना—
आमतौर पर ​नारियल को फोड़कर या बधार कर ही देवी देवताओं को चढ़ाया जाता हैं। देवताओं को खुश करने के लिए पशुओं की बलि देने की परंपरा थी,मगर इस पर रोक लगने के साथ ही नारियल की बलि दी जाने लगी। प्राचीन परंपराओं में बलि पुरुषों द्वारा ही जाती हैं। इस वजह से भी महिलाओं द्वारा नारियल नहीं फोड़ा जाता हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here