वंशानुगत शासकों को अदालती आदेशों को फिर से लिखने की अनुमति नहीं

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मद्देनजर सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की निंदा करते हुए कहा कि वह एक ‘नए निचले स्तर’ पर गिर गए हैं क्योंकि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रचार के लिए अदालत के एक आदेश को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र ‘वंशानुगत शासकों’ को अदालत के आदेशों को ‘फिर से लिखने’ की अनुमति नहीं देता।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी ‘चौकीदार चोर है’ को गलत ढंग से अदालत के साथ जोड़कर पेश किया गया है और इसी के साथ अदालत ने उन्हें 22 अप्रैल तक इस पर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

जेटली ने कहा, “राजनीतिक प्रचार के लिए अदालत के एक आदेश को तोड़-मरोड़कर पेश करना राहुल गांधी का एक नए निचले स्तर पर गिरना है। वह जितना नीचे डूबेंगे, हम उतना ही ऊंचा उठेंगे।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी की राजनीति में अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार में झूठ का अधिकार भी शामिल है। सच्चाई एकजुट होती है। झूठ बिखर जाता है। राहुल गांधी को यह सार्वजनिक संभाषण के इस प्राथमिक पाठ को सीखने की जरूरत है।”

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कांग्रेस अध्यक्ष से उनके विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया मांगते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल राफेल मामले से संबंधित कुछ दस्तावेजों की स्वीकार्यता के मामले को डील किया था।

अदालत का आदेश भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी द्वारा राहुल के खिलाफ अवमानना कार्रवाई करने की मांग को लेकर अवमानना याचिका दायर करने पर आया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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