यहाँ दूल्हे साथ पूरा गांव ऐसे चेक करता है दुल्हन की वर्जिनिटी, तरीका जानकर आप हो जाओगे पागल…

0
63

अकसर लड़को के मन में सवाल आता है कि जब उनकी शादी होगी तो उनकी पत्नी वर्जिन होगी या नहीं, इसको लेकर कई जगहों पर शादी से पहले लड़कियों की वजिर्निटी चेक की जाती है और उसके बाद में ही शादी होती है । आज हम आपको कुछ ऐसा ही बताने जा रहे हैं । बताया जा रहा है कि यहां पर लड़कियों की वजिर्निटी चेक करने के लिए पूरा गांव कुछ ऐसा काम करता है जिसको जानकर आप भी चौंक जाएंगे ।

बताया जा रहा है कि, नयी दुल्हन की वर्जिनिटी को ना सिर्फ घरवाले चेक करते हैं बल्कि पूरा गाँव चेक करता है। बताया जा रहा है कि इसको चेक करने के लिए शादी की रात को बिस्तर पर सफ़ेद चादर लगा दी जाती है और दूसरे दिन लड़की की वर्जिनिटी को पूरा गांव आकर चेक करता है ।

बताया जा रहा है कि यह गंदा काम महाराष्ट्र में कंजरभाट नाम के एक समुदाय में होता है । जिसमें कपल को सुहागरात से पहले एक सफेद चादर दी जाती है जो सुबह ये बताती है किए लड़की वर्जिन है या नहीं, इस बात का फैसला वहां का सरपंच करता है । बताया जा रहा है कि यह परंपरा 20 सालों से चली आ रही है ।

 


SHARE
Previous articleये अन्धविश्वास जो आज भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते और हमें बर्बाद कर रहे हैं!
Next articleवीडियो: संबंध बनाने पर ही ट्यूशन पढ़ाती थी ये टीचर, जो नहीं बनाता था उसके साथ करती थी ये गन्दा काम…
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here