यहां भोजन खाने के साथ खानी पड़ती हैं मां-बहन की गालियां !

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दोस्तों, आजतक आप कई रेस्टोरेंट में गए होंगे और वहां पर खाना भी खाया होगा मगर क्या आपको वहां गालियां दी गई हैं नहीं ना, लेकिन एक ऐसा ही अनेाखा रेस्टोरेंट हैं जहां पर आपको खाने के साथ साथ में गालियां भी खानी पड़ती है । तो चलिए जानते हैं उस अनोखे रेस्टोरेंट के बारे में । आपको बता दें कि, यह रेस्‍त्रां शिकागो के पास स्थित लिंकन पार्क में स्थित है, जिसका नाम वीनर्स सर्किल है । ऐसा ही एक और रेस्‍त्रां है डिक्‍सलास्‍ट रिसॉर्ट ।

आपको बता दें कि, वीनर्स का हॉट डॉग इतना फेमस है कि अमेरिका के किसी भी शहर से जब लोग यहां आते हैं, तो उसका टेस्‍ट जरूर करते हैं । यह रेस्‍त्रां असल में अपनी चार बातों के लिये प्रसिद्ध है । अपने सिग्‍नेचर मैक्‍सवेल स्‍ट्रीट चार डॉग्‍स, हैमबर्गर, चीज़ फ्राई और कस्‍टमर के साथ गाली-गलौज । खास तौर से वीकेंड में तो गालियां मिलना तो पक्‍का है । खास बात यह है कि रेस्‍त्रां में कई बार ऐसा भी होता है कि ग्राहक कॉफी शेक मांगने की जगह महिला वेटर से कहते हैं, “‘शेक योर बूब्‍स”। जवाब में महिला वेटर अपने टॉप को उतार कर बूब्‍स हिलाते हुए शेक लाती है और टिप मांगती है ।

इस रेस्‍त्रां का वातावरण भी ऐसे ही है। यहां पर ग्राहक जैसे ही प्रवेश करते हैं । दरअसल, साल 1990 की शुरुआत में एक बिजनेसमैन लैरी गोल्‍ड ने रेस्‍त्रां खोला। यहां ग्राहकों का जैसे अकाल पड़ा हुआ था। एक दिन उसके मालिक ने एक कस्‍टमर को गुस्‍से में आकर गालियां देना शुरू कर दीं और शराबी कहकर संबोधित किया। झगड़ा इतना बड़ा था कि रात भर रेस्‍त्रां में जमावड़ा लगा रहा । देखते ही देखते रेस्‍त्रां के ग्राहकों की संख्‍या बढ़ने लगीं और तभी से इस रेस्त्रां में खाने के साथ में गालियां भी दी जाने लगी जो कि आजतक ऐसा ही हो रहा है ।

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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