यहां पत्नी के गर्भवती होते ही पति कर लेते हैं दूसरी शादी, जानिए क्यों ?

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दोस्तों, पति और पत्नी के जीवन में वह समय सबसे ज्यादा खुशियां लेकर आता है जब पति को पता चलता है कि उसकी पत्नी मां बनने वाली हैं और जिसके बाद में पति अपनी पत्नी की ज्यादा केयर करने लगता है मगर क्या कभी आपने सोचा है कि कहीं पर पत्नी के गर्भवती होने पर पति दूसरी शादी कर लें नहीं ना । मगर यह सच है, जी हां, आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर पत्नी के गर्भवती होते ही पति दूसरी शादी कर लेता है और हैरानी की बात यह है कि पति के ऐसा करने पर पत्नी को कोई भी ऐतराज नहीं होता है।

जिस जगह के बारे मे आज हम आपको बताने जा रहे है वह जगह राजस्थान के बाड़मेर जिले की है। जहां पर पत्नी के गर्भवती होते ही पति दूसरी शादी कर लेता है। आपको बता दें कि यहां पर यह परंपरा काफी सालों से चलती आ रही है। इसके आगे आपको बता दें कि यहां के देरासर गांव में इस परंपरा को लोग आज भी निभा रहे हैं। आखिर क्यों एक पत्नी अपने रहते पति को दूसरी शादी करने की अनुमति देती है यह सवाल आपके भी मन को झकझोर रहा होगा तो आईए आपको इस सवाल का जवाब बताते हैं ।

दरअसल, राजस्थान के इन इलाकों में पानी की भारी किल्लत रहती है। जिसके कारण यहां के पुरुषों को दो -तीन शादियां करनी पड़ती है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि पानी की तलाश में घर की महिलाओं को तपती गर्मी में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और उसके बाद में पानी मिलता है। कई किलोमीटर तक पैदल सफर तय करने के बाद में महिलाओं को पानी अपने सिर पर रखकर लाना होता है। ऐसे में यदि गर्भवती महिलाएं लंबी दूरी तय करके पानी लाती है तो उनको और होने वाले बच्चे दोनों को ही नुकसान होने का डर रहता है। मगर बिना पानी के काम भी नहीं चल सकता है ।

इसलिए पत्नी के गर्भवती होते ही घर में दूसरी महिला की जरूरत खलने लगती है और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए पुरुष दूसरी शादी करते हैं । तो अब आप भी समझ चुके होंगे की आखिर पत्नी के गर्भवती होते ही पुरूष दूसरी शादी क्यों कर लेते हैं ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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