बच्चों के nutrition and regular immunization के लिए हेल्पलाइन

0

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मंगलवार को सेहत एवं पोषण साथी नामक हेल्पलाइन शुरू की। इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छह वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोषण वाला आहार मिलें और नियमित टीकाकरण हो। यह हेल्पलाइन बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के विषय में सूचना भी प्रदान करेगी। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने सचिवालय में हुए एक कार्यक्रम में सेहत एवं पोषण साथी नामक इस हेल्पलाइन नंबर का उद्घाटन किया। दिल्ली सरकार के मुताबिक बच्चों के पोषण हेतु प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत सभी गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में सीधे पांच हजार रूपए की नकद राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है। जबकि समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत पर्याप्त पोषण आहार देने के साथ उचित देखभाल की जाती है।

BSF ने सांबा में पांच आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को नाकाम किया

इस अवसर पर गौतम ने कहा, “वास्तविक चुनौती सही समय पर इन योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने की है। अगर हम इन बाधाओं को पार करके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने में सफल हो जाएं, तो समाज की असंख्य महिलाओं और बच्चों के जीवन को सदा के लिए रोगमुक्त करके स्वस्थ बनाया जा सकता है।”

उन्होंने दिल्ली में महिलाओं और बच्चों में व्याप्त कुपोषण को घटाने और वर्ष 2022 तक कुपोषण की मौजूदा दर को आधे से भी कम करने के लक्ष्य को तय करने की बात कही।

इस अवसर पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने अपने आंगनवाड़ी क्षेत्र के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे बचपन से ही आंगनवाड़ियां परिवर्तनकारी हो सकती हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि स्कूल स्तर पर आने वाली समस्याएं जैसे बच्चों के सीखने की धीमी समझ और बीच में पढ़ाई छोड़ने का असली कारण आरंभिक वर्षों में मस्तिष्क का विकास है, जो कि पोषणकारी आहार और सुखद अनुभवों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने इस हेल्पलाइन के काम करने के बारे में बताया कि सेवा का लाभ लेने वाले को 011-41193903 टेलीफोन नंबर पर एक मिस कॉल देनी होगी। उस मिस काल के बाद सलाहकार (काउंसलर) फोन करने वाले के नंबर पर दोबारा फोन करके, उसके और घर के विवरण को सत्यापित करने के उपरांत समस्या के समाधान के विषय में जानकारी देगा।

यह हेल्पलाइन (011-41193903) ‘इंडस एक्शन’ नामक एक गैर सरकारी संगठन के सहयोग से चौबीस घंटे उपलब्ध होगी। इस हेल्पलाइन नंबर पर एक बार मिस नंबर आने के दो दिनों के भीतर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टोली फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क करके शिकायत को दर्ज करने के बाद उसको सुलझाएंगी। यह देश में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जनसाधारण को फोन पर आवश्यक सूचना प्रदान करने वाली अपने तरह की पहली हेल्पलाइन है।

हेल्पलाइन के उद्घाटन के बाद ‘शिशु जीवन के पहले दो हजार दिनों’ के विषय पर एक परिचर्चा भी हुई। इस परिचर्चा में विभिन्न अल्पकालिक और और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पहचान करते हुए आंगनवाड़ियों के लिए एक सशक्त निगरानी तंत्र विकसित करने और पंजीकृत लाभार्थियों के साथ प्रभावी रूप से संबंध स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 

 

SHARE
Previous articleमुंबई पुलिस पर सवाल उठाने वाली कंगना को मिला Sapna Bhavani का साथ
Next articleSonam Kapoor बोलीं-बड़ी होकर जया बच्चन जैसी बनूंगी, हुईं ट्रोल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here