केरल में मानसून बना मनहूस, बाढ़ से अब तक 26 से ज़्यादा मौतें

केरल में इस बार बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही है। राज्य में लगातार रुक रुक कर मध्यम से तेज़ बारिश हो रही है। ऐसे में राज्य में नदियां उफान पर हैं और भारी बारिश से शहरी इलाकों में भी बाढ़ आ गई है।

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जयपुर। केरल में देशभर में सबसे पहले मानसून दस्तक देती है। हिंद महासागर से आने वाली हवाओं की वजह से होने वाली बारिश को मानसून कहा जाता है और ये जून के महीने से शुरु हो जाता है। केरल में मानसून ने इस बार मौसम विभाग के आकलन से पहले ही दस्तक दे दी और 28 मई से ही केरल में भारी बारिश होने लगी थी।

केरल में इस बार बारिश थमने का नाम ही नहीं ले रही है। राज्य में लगातार रुक रुक कर मध्यम से तेज़ बारिश हो रही है। ऐसे में राज्य में नदियां उफान पर हैं और भारी बारिश से शहरी इलाकों में भी बाढ़ आ गई है।

मानसून के शुर होते ही इस राज्य के कई सारे लोग बाढ़ की वजह से बेघर हो चुके हैं

केरल में बाढ़ से अब तक इस साल 26 लोगों की मौत हो जाने की खबर भी आ गई है। इस बाढ़ से सबसे ज़्यादा असर पड़ा है कोझिकोड़ को। यहां पर बाढ़ से 4 लोगों की जानें चली गई हैं, जिसमें साल का एक बच्चा भी शामिल है।

केरल में बाढ़ की वजह से भूस्खलन की घटना सबसे ज़्यादा पाई जाती है और इसी बात का डर राज्य की जनता को सता रहा है। कोझिकोड़े में लैंडस्लाइड के एक मामले में पूरी पूरी पहाड़ी ही नीचे गिर गई, जिसके वजह से कई लोगों के हताहत हो जाने की खबर आ रही है।

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इस भारी बारिश से सबसे ज़्यादा नुकसान कोझिकोड़े को ही हो सकता है, क्योंकि ये छोटी छोटी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। जिसकी वजह से लैंडस्लाइड का खतरा सबसे ज़्यादा होता है। इसके साथ ही राज्य में भारी बारिश की वजह से तबाही चारों तरफ देखी जा सकती है, लोगों के घर बाढ़ में टूट कर तबाह हो रहे हैं।

शहरी इलाकों मे भी हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा लेकर जाना जा रहा है। रुके हुए बाढ़ से बीमारी के फैलने का भी डर है और हाल ही में केरल मे निपाह वायरस फैला हुआ है।

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