हार्दिक पटेल अनशन के 14वें दिन अस्पताल में भर्ती

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पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 14वें दिन सांस लेने में दिक्कत की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया। हार्दिक पटेल को सोला के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरकार द्वारा उनकी मांगों की उपेक्षा किए जाने के बाद हार्दिक ने एक दिन पहले पानी भी त्याग दिया था।

अस्पताल में भर्ती होने के कुछ मिनट बाद 25 वर्षीय नेता ने हिंदी में ट्वीट किया, “मुझे सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा और इसकी सरकार किसानों की चिंताओं और पाटीदार की मांगों को दरकिनार कर रही है।”

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) में उनके सहयोगियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पास के सदस्यों ने भाजपा सरकार को गुरुवार तक उनसे बातचीत करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

हार्दिक की करीबी सहयोगी और पटेल की कोर टीम की सदस्य गीता पटेल ने कहा, “हार्दिक अस्पताल नहीं जाना चाहते थे और अपने अनशन के साथ टिके हुए थे। लेकिन आज जब वह वॉशरूम गए, तो जमीन पर गिर गए। इसके बाद हमने उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया और हम उन्हें जबरदस्ती अस्पताल ले गए।”

नेफ्रोलोजिस्ट समेत डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम आईसीयू में पटेल का इलाज कर रही है। पटेल के रक्त व यूरिन का नमूना लिया गया है और रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।

पाटीदार नेता मनोज पनारा ने संवाददाताओं से कहा कि बीते दो हफ्तों में हार्दिक पटेल (25) का वजन 20 किलोग्राम कम हो गया है। उनके लगातार अनशन पर रहने से उनके गुर्दे व लीवर पर असर पड़ा है।

पटेल अपनी मांगों को लेकर गत 25 अगस्त से अनशन पर हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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