हॉकी के लिए धड़कता है अभिनेता शाहरुख खान का दिल

0
120

बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान ने जाहिर किया है कि उनका दिल हॉकी के लिए धड़कता है। हॉकी के प्रति अपने प्यार को शाहरुख ने सोशल मीडिया पर भी जाहिर किया है। इसके साथ ही शाहरुख ने अपने प्रशंसकों से भारतीय हॉकी टीम और हॉकी के खेल के प्रति समर्थन का आग्रह किया है।

ओडिशा विश्व कप टूर्नामेंट की शुरुआत में अब कुछ ही सप्ताहों का समय रह गया है और ऐसे में टीम इस बड़े टूर्नामेंट के लिए जोरों-शोरों से तैयारी कर रही है।

इस तैयारी में शाहरुख का भी समर्थन टीम के साथ है। शाहरुख स्कूल के समय से ही हॉकी के खेल से जुड़े रहे हैं। देश के लिए खेलने के अपने सपने को याद करते हुए शाहरुख ने कहा कि हाल ही में इच्छा जताई है कि उनका बेटा अब्राम बड़ा होकर हॉकी खिलाड़ी बने और देश का प्रतिनिधित्व करे।

उल्लेखनीय है कि शाहरुख को हॉकी पर आधारित फिल्म ‘चक दे इंडिया’ में कोच की भूमिका में देखा गया था। अभिनेता ने अपने एक बयान में कहा, “हॉकी मेरे दिल के करीब एक गीत की तरह है। युवावस्था में इस खेल के प्रति मैं काफी जुनूनी था। इस साल भारत नवम्बर में हॉकी विश्व कप का आयोजन कर रहा है और मैं हॉकी का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हूं। मेरा दिल हॉकी के लिए और भारतीय टीम के लिए धड़कता है।”

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, “शाहरुख इस पीढ़ी के लिए आदर्श की तरह हैं। खेल के प्रति उनका जुनून साफ नजर आता है और ऐसे में हॉकी के प्रति उनका समर्थन न केवल टीम को प्रेरित करेगा, बल्कि देश को भी इस अभियान के साथ शामिल होने के लिए बढ़ावा देगा। मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleविश्व क्रिकेट में फिर मचेगी खलबली, कप्तान कोहली इतिहास रचने से मात्र 221 रन दूर
Next articleNavratre 2018: टीम इण्डिया के 5 खिलाड़ी जो नवरात्रों में रखते हैं कठोर व्रत, मैच से पहले भूखे पेट जमकर करते हैं माँ दुर्गा की पूजा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here