Jharkhand में महिला का शव मिलने के 9 दिनों बाद मिला सिर

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झारखंड पुलिस ने चांदवे गांव में एक महिला का कटा सिर बरामद किया है, जिसका 9 दिन पहले नग्न अवस्था में शव बरामद किया गया था। इसकी जानकारी मंगलवार को अधिकारियों ने दी। पुलिस के अनुसार, महिला का सिर उसके पूर्व पति आरोपी शेख बिलाल के उपजाऊ जमीन में दफना हुआ पाया गया।

3 जनवरी को झारखंड के रांची जिले के ओरमांझी से एक महिला का नग्न अवस्था में शव बरामद किया गया था। अगले दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हमला किया गया था। बदमाश एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे, जो महिला के शरीर की बरामदगी के बाद किशोरगंज चौक पर विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने घटना के पीछे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।

रांची पुलिस ने सोमवार को आरोपी की तस्वीर जारी की। पुलिस ने कहा कि बेलाल एक साल पहले जेल गया था।

इस सनसनीखेज मामले ने प्रदेश में तहलका मचा दिया था। सत्तारूढ़ झामुमो ने भाजपा पर सीएम के काफिले पर हमले का आरोप लगाया था। बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भगवा पार्टी सोरेन सरकार पर निशाना साध रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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