हमारी उल जुलूल खाने की आदत ही बन सकती है हमारे लिए कैंसर की परेशानी

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी कभी किसी को न हो हम यही ही दुआ करते हैं पर यदि कैंसर की इतनी तेज़ी से बढ़ रही है तो उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होगा

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जयपुर । कैंसर जैसी गंभीर बीमारी कभी किसी को न हो हम यही ही दुआ करते हैं पर यदि कैंसर की इतनी तेज़ी से बढ़ रही है तो उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होगा । आज के समय में  सिर्फ हमारी जीवन शेली ही हमरे कैंसर की बीमारी को होने का कार्न नही है । बल्कि हमरे गलत खान पान की आदत भी इस परेशानी का मुख्य कारण है ।

आज यह बीमारी बहुत ज्यादा फेल रही है । इसकी तादाद तो इतनी ज्यादा बढ़ रही है की लोग खानी जुकाम बुखार की तरह इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं । यह बीमारी संक्रामण की नही है फिर ही हर तीसरा चौथा व्यक्ति इस बीमारी से परेशान नजर आ रहा है ।

हाल ही में आई एक स्टडी में दावा किया गया है कि खराब डायट की वजह से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जेएनसीआई कैंसर स्पैक्ट्रम में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, 2015 में अमेरिका में 80 हजार से ज्यादा कैंसर के नए मामले पाए गए जिनमें मुख्य कारक खराब डायट था। इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने सात डायट संबंधी कारकों का आकलन किया। ये कारक थे- फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और दूध से बनी चीजों की कम मात्रा का सेवन और प्रोसेस्ड मीट, रेड मीट और सोडा जैसे शुगर वाले पेय पदार्थ का अत्यधिक सेवन।

स्टडी की लेखिका टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की कैंसर विशेषज्ञ झैंग के अनुसार, पिछले अध्ययनों में उलटे ही परिणाम देखने को मिले थे। पिछले अध्ययनों में प्रोसेस्ड मीट के अत्यधिक सेवन की वजह से कोलोन कैंसर का खतरा अधिक पाया गया, जबकि साबुत अनाज के कम सेवन की वजह से यह खतरा और भी कम हो गया। शोधकर्ताओं ने इस स्टडी से यह भी पाया कि कोलोन और रैक्टल कैंसर में डायट संबंधी मामलों की संख्या और अनुपात 38.3 फीसदी था।

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