क्या आपने देखा दिल्ली के दूसरे कुतुबमीनार को

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जयपुर। दिल्ली की खूबसूरती की तारीफ जितनी भी की जाए यहां घूमने के लिए हर कोई जाना जाता है। अगर कोई भी विदेशी पर्यटक घूमने के लिए भारत में आता है तो उसकी घूमने की शुरूआत दिल्ली से ही होती है। दिल्ली में आपको घूमने के लिए एक से बढकर एक आलीशान महल दिखाई देगें। जिस वजह से यहां घूमने के लिए साल के हर महीने पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। अगर आप इस बार दिल्ली में घूमने की प्लानिंग कर रहे हो तो आपको यहां घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए।यहां जाने के बाद आपका मन भारत की ओर जगहां को देखने का करेगा। आपको बता दें कि दिल्ली में स्थित कुतुबमीनार को तो सभी ने देखा होगा। इस जगह के इतिहास के बारे में आपने सभी से सुना होगा और आपने इसके बारे में पढ़ा भी होगा। आज हम आपको ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहें है। जिसे दिल्ली का दूसरा कुतुबमीनार के नाम से जाना जाता है। आइए जाने इससे जुडी खास बातों के बारे में…

दिल्ली में स्थित दूसरे कुतुबमीनार को हस्तसाल की लाट के नाम से भी जाना जाता है। यह कुतुबमीनार दिल्ली में नांगलोई के पास हस्तसाल गांव में बना हुआ है। इस दूसरे कुतुबमीनार के बारे में बेहद ही कम लोगों को मालूम है।

आपको बता दें इस कुतुबमीनार को स्पेशल दर्जा दिलाने के लिए यहां के लोगों ने कई आंदोलन किए है। आपको बता दें कि 17 मीटर ऊंचा बना है।

आपके बता दें कि इसका निर्माण साल 1650 में हुआ था। जिसे शाहजहां ने शिकारगाह के रूप में तैयार किया था। इस जगह पर एक पतली सीढी है। इसे देखने के बाद आपको एक बार लगेगा ही नही कि यह दूसरा कुतुबमीनार है। यह आपको एक असली कुतुबमीनार की तरह ही लगेगा।

यह जगह एक समय में हाथियों के विश्राम करने की जगह हुआ करती थी जिस वजह से इस जगह का नाम हस्तसाल की लाट रखा गया। यह एक 2 मंजिला इमारत है जिसे देखने के लिए सभी को एक बार जरूर जाना चाहिए।

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