नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा पर हाइक के नए एनिमेटेड स्टिकर

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स्वदेशी मैसेजिंग एप ‘हाइक’ ने सोमवार को नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा के लिए नए एनिमेटेड स्टिकर पैक जारी करने की घोषणा की। नए स्टिकर पैक त्योहार और उससे जुड़े जश्न और रीति-रिवाजों के विभिन्न आयामों को दर्शाते हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि परंपरागत मस्तीभरे गरबा या डंडिया के बारे में बातचीत हो या पूजा पंडाल, भोजन को लेकर चर्चा हो या फिर दोस्तों और परिजनों के लिए शुभकामना संदेशों की तलाश हो, हाइक स्टिकरों का इस्तेमाल मजेदार और पारंपरिक तरीके से बधाई व शुभकामनाएं देने और अपने संदेश पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

बयान में कहा गया है कि नए स्टिकर पैक गरबा या डांडिया, शेरांवली और दुर्गा जैसे देवी शक्ति के सुंदर स्वरूपों, इन शुभ दिनों में तैयार विशेष खानपान और थालियों, कंजकों के साथ अष्टमी, अपने 10 सिरों सहित रावण (दशहरा के लिए जरूरी) के साथ-साथ लोकप्रिय बधाई व शुभकामना संदेशों और अभिवादनों को खासतौर पर व्यक्त करते हैं। ये स्टिकर्स त्योहार के लिए 9 अक्टूबर से एप में उपलब्ध होंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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