टी-20 में शतक बनाने वाली पहली भारतीय बनीं हरमनप्रीत

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महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतक बनाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। 29 साल की हरमनप्रीत ने यहां जारी आईसीसी महिला टी-20 विश्वकप में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 51 गेंदों पर 103 रन की तूफानी शतकीय पारी में सात चौके और आठ छक्के लगाए।

कप्तान हरमनप्रीत ने पहले 50 रन 33 गेंदों में और अगले 50 रन मात्र 16 गेंदों में ही जड़ डाला।

हरमनप्रीत की इस शतकीय पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 194 रन का स्कोर बनाया। महिला टी-20 विश्वकप में किसी भी टीम द्वारा बनाया यह अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।

हरमनप्रीत टी-20 विश्वकप में शतक बनाने वाली दुनिया की तीसरी महिला क्रिकेट खिलाड़ी बन गई हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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