कोविड-19 को लेकर बोली हालेप, मैं शुरुआत में काफी चिंतित थी

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वल्र्ड नंबर-2 महिला टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप ने बताया है कि जब शुरुआत में पूरा विश्व कप कोविड-19 की पकड़ में था तब टेनिस ने उनके लिए पिछली सीट पकड़ ली थी। हालेप हालांकि इस महामारी से पहले ही चोट के कारण टेनिस से दूर थीं।

प्राग ओपन से कोर्ट पर वापसी कर रहीं हालेप ने कहा, “हर चीज बंद हो रही है यह देखना मेरे लिए हैरानी भरा था। मैं काफी ज्यादा सफर करती हूं और अचानक से मुझे घर पर ही रहना था और आम जिंदगी जीनी थी। यह मेरे लिए हैरानी भरा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था। मैं पहले इसे कबूल ही नहीं कर पा रही थी।”

उन्होंने कहा, “इसके बाद कई लोगों को स्वास्थ से संघर्ष करते हुए देखना, मैं चिंतित हो गई थी, मुझे यह मानना होगा। फिर मैंने अपने आस-पास के लोगों से पूछा और उन्होंने बताया कि अगर मैं अपनी रक्षा करूं और अपने आसपास के लोगों का ध्यान रखूं तो सब कुछ ठीक रहेगा। मैंने ऐसा ही किया और मैं अभी भी ऐसा ही कर रही हूं।”

उन्होंने कहा, “इसलिए अब मैं सकारात्मक महसूस कर रही हैं, मेरे अंदर कोई नकारात्मकता नहीं है।”

रोमानिया की इस खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने चोट से वापसी के बाद कोर्ट पर लौटने के लिए अपना समय लिया

उन्होंने कहा, “डैरेन (कोच डैरेन काहिल) ने कहा था कि अगर मैं फोकस रखूंगी और इस तरह ट्रेनिंग करूंगी जैसी मुझे अगले सप्ताह की टूर्नार्मेंट खेलना है तो यह मेरे लिए काफी अच्छा होगा। नहीं तो, अगर एक दिन कोर्ट पर आने के बाद मुझे दबाव नहीं लगा कि मुझे काम करना है, तो मैं एक दिन आराम कर लूंगी। इसलिए मेरे ऊपर हर दिन खेलने का दबाव नहीं था। मुझे जब लगता था तब मैं एक आराम कर लेती थी नहीं तो मैं कड़ी मेहनत करती थी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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