कनाडा के Concordia University में बनी गुरु नानक चेयर

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सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती मनाने के लिए मॉन्ट्रियल के कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय ने धर्म के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए गुरु नानक देव अकादमिक (स्टडी) चेयर की स्थापना की है। यह कनाडा में सिख धर्म के लिए पहली चेयर होगी। यह गुरु नानक की 550वीं जयंती के लिए भारतीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पिछले साल प्रस्तुत दो चेयर में से एक है। अन्य चेयर पहले ही ब्रिटेन में बर्मिघम विश्वविद्यालय में स्थापित की गई है।

ओटावा में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा कि गुरु नानक प्रकाश पर्ब के शुभ अवसर पर भारत के उच्चायोग को कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय, मॉन्ट्रियल में गुरु नानक देव अकादमिक चेयर के शुभारंभ की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।

इस चेयर को भारतीय विदेश मंत्रालय, इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस और इंडो-कनाडाई कोचर फैमिली का समर्थन प्राप्त होगा।

कनाडा में भारतीय उच्चायोग लगभग 100 भारतीय मिशनों में से एक है, जो सिख धर्म की शिक्षाओं को फैलाने के लिए विभिन्न पहलों के साथ गुरु नानक की जयंती मना रहा है।

टोरंटो के पंजाबी बहुल शहर ब्रैम्पटन में इस अवसर को चिह्न्ति करने के लिए एक सड़क का नाम गुरु नानक स्ट्रीट भी रखा गया है।

शहर के ब्रैम्पटन सिविक अस्पताल, जिसने 2007 में गुरु नानक देव के नाम पर अपने आपातकालीन विभाग का नाम रखा था, उसने भी अपनी इमारत में गुरु नानक आपातकालीन विभाग का अनावरण किया है।

अस्पताल के फाउंडेशन के सीईओ ने कहा, “उन सभी को लोगों को गुरु पर्ब मुबारक, जो आज इसे हैं। जब हम ब्रैम्पटन सिविक के निर्माण के लिए धन जुटा रहे थे, तो सिख समुदाय ने शहर के इस अति-आवश्यक नए अस्पताल को स्थापित करने में मदद करने के लिए समर्थन किया और हम इसके लिए हमेशा आभारी हैं।”

न्यूज स्त्रोेत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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