गुजरात सरकार प्रवासियों पर हिंसा रोकने के लिए अनिच्छुक : कांग्रेस

0
137

कांग्रेस ने मंगलवार को गुजरात सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार प्रवासियों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए अनिच्छुक है। पार्टी ने साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारों द्वारा विजय रूपाणी नीत भाजपा शासन को क्लीन चिट देने के लिए भी हमला बोला। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके दावे को लेकर माफी मांगने को कहा। योगी ने दावा किया था कि गुजरात में उनके राज्य के प्रवासियों पर कोई हमला नहीं हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, “गुजरात में हालात अत्यंत नाजुक हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि गुजरात सरकार इन घटनाओं को रोकने में अक्षम भी है और अनिच्छुक भी। यह घटनाएं अब मध्य गुजरात में फैल गई हैं।”

तिवारी ने कहा, “मूर्खताओं और असंगति ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्री अपने लोगों के साथ सहानुभूति रखने और केंद्र व गुजरात सरकारों को कार्रवाई करने के लिए कहने के बजाय गुजरात सरकार को क्लीन चिट देने में लगे हैं।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आदित्यनाथ के हालिया दावे का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रवासियों पर ‘हमले की एक भी घटना नहीं हुई है’ और यह अफवाहें वे लोग फैला रहे हैं जो गुजरात से जलते हैं।

तिवारी ने बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.के. सिंघल की टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रवासी मजदूर गुजरात से भाग नहीं रहे बल्कि त्योहार मनाने के लिए अपने गृह राज्य लौट रहे हैं।

तिवारी ने कहा, “लोग डर के कारण गुजरात से भाग रहे हैं और आदित्यनाथ दावा कर रहे हैं कि कोई हिंसा नहीं है। जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है वह है सिंघल का कहना कि वे त्योहार के कारण वापस आ रहे हैं।”

तिवारी ने दावा किया कि बीते दिनों हिंसा भड़कने के बाद से 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर गुजरात से भाग चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सिंघल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया है।

मोदी पर निशाना साधते हुए तिवारी ने इस मामले में उनकी ‘गगनभेदी’ चुप्पी पर सवाल उठाया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसंयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली का इस्तीफा
Next articleपश्चिम बंगाल में 1.68 किलोग्राम सोना जब्त
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here