जानिए किन राज्यों में खुल गए 9वीं से 12वीं तक के स्कूल और क्या हैं गाइडलाॅइन

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सरकार ने अनलॉक 4.0 के चलते देश में 9वीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए ऐहतियात के साथ स्कूल खोलने की मंजूरी दे दी है।मतलब की छात्र एक बार फिर स्कूलों का रुख कर सकेंगे, जो कि कोरोना महामारी के चलते पिछले कई महीनों से बंद थे।
आपको बता दें की सरकार के नियमानुसार सिर्फ वही छात्र स्कूल जा सकेंगे, जिनके घर कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं,इस दौरान छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेस जारी रहेंगी।

गाइडलाइंस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्कूलों को कोरोना वायरस रोकने के सभी प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।स्कूलों के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्कूलों को खोलने, उनके परिवहन, स्कूली क्रिया कलापों की प्लानिंग और साफ-सफाई से जुड़े तमाम दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सरकार के इस निर्णय के बाद कई राज्यों ने आंशिक रूप से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलने का फैसला किया है,लेकिन कई राज्यों ने अब भी स्कूल खोलने के निर्णय को टाल दिया है।

देश की राजधानी की बात करे तो दिल्ली ने इस फैसले से कुछ समय के लिए दूरी बनाते हुए 5 अक्टूबर तक के लिए स्कूल बंद रखे हैं।यह आदेश सभी स्कूलों पर लागू होंगे, चाहे वह सरकारी हों, निजी हों या दिल्ली कैंट के हों। दिल्ली की तरह ही उत्तर प्रदेश,राजस्थान,उतराखण्ड तथा झारखंड समेत कई राज्यों में भी फिलहाल स्कूल बंद रहेंगे।

वहीं हरियाणा,आन्ध्रप्रदेश,मध्यप्रदेश तथा बिहार राज्य ने स्कूल खुलने की अनुमति दे दी हैं।यहां 50 फीसदी टीचिंग स्टॉफ और कर्मचारी स्कूल आ सकेंगे और छात्र अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद कक्षा में बैठ सकेंगे।बिहार में 28 सितंबर से स्कूल खोलने की तैयारी चल रहीं हैं।

स्कूल खोलने के लिए गृह मंत्रालय ने अपने दिशा-निर्देशों में कहा है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को ही खुलने की अनुमति मिलेगी।इसी तरह उन्हीं छात्रों को स्कूल आने की अनुमति मिलेगी, जिनके घर कंटेनमेंट जोन में न हों।वहीं स्कूलों को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा. खासकर जिन स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर्स बनाया गया था, उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि संस्थान संक्रमण रहित हो गया हो।कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. इसके लिए 6 फीट की दूरी रखना अनिवार्य है। स्कूल में सभी छात्रों, शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है.

छात्रों के स्कूल आने पर गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग करना और हैंड सैनेटाइज कराना होगा।स्कूलों में शिक्षक ऑनलाइन क्लास भी लेंगे ताकि स्कूल न आने वाले छात्र भी पढ़ सकें।छात्र-शिक्षक एक-दूसरे के नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि नहीं लेंगे।

बताते चले की स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद जैसी कोई गतिविधियां नहीं होंगी।सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर (स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर) प्रदर्शित करने होंगे।एसी का तापमान 24-30 डिग्री के बीच रखना होगा।कमरों में वेंटिलेशन होना चाहिए।जहां तक संभव हो सभी लोग मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप रखें। इसके अलावा थूकना सख्त मना होगा।

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