मेरिट के आधार पर सहायता प्राप्त स्कूलों में होगी Guest teachers की नियुक्ति

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अतिथि शिक्षक अब दिल्ली के सहायता प्राप्त स्कूलों में भी पढ़ा सकेंगे। यह निर्देश दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्यापकों की कमी को देखते हुए वहां अतिथि शिक्षकों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली सरकार के इस निर्णय के बाद अतिथि शिक्षकों को पढ़ाने का ज्यादा मौका मिल सकेगा। फिलहाल सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति अस्थाई तौर पर ही होगी। नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने तक तक अतिथि शिक्षक इन स्कूलों में पढ़ा सकेंगे।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय में एडेड स्कूल ब्रांच के सहायक शिक्षा निदेशक संजय कुमार ने कहा, “अतिथि शिक्षकों की इस नियुक्ति की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशालय की ई-5 ब्रांच को दी गई है। सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की यह नियुक्ति मेरिट के आधार पर होगी।”

अतिथि शिक्षकों की तैनाती के लिए सहायता प्राप्त स्कूलों को शिक्षा निदेशालय के समक्ष एक औपचारिक अनुरोध देना होगा। स्कूलों की प्रबंधन समिति शिक्षा निदेशालय को आवश्यकता अनुसार शिक्षकों सूची देगी। इसके आधार पर दिल्ली का शिक्षा निदेशालय अतिथि शिक्षकों की तैनाती करेगा।

शिक्षक संघ के महासचिव राजीव मित्तल ने कहा, “हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। अब छात्रों को विषय के हिसाब से शिक्षक मिल सकेंगे। दिल्ली के सहायता प्राप्त स्कूलों में कई बार पूरे वर्ष कुछ विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। शिक्षक नियुक्त न होने पर दूसरे विषयों के इन शिक्षकों की कक्षाओं लेते थे।”

दिल्ली में 215 सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों के लगभग तीस फीसदी पद खाली हैं। सहायता प्राप्त स्कूल शिक्षक संघ के के मुताबिक दिल्ली के 200 से अधिक सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों के लगभग 6500 पद हैं। मौजूदा समय में लगभग 1500 पद खाली हैं।

फिलहाल कोरोना महामारी के मद्देनजर सभी स्कूलों में आनलाइन माध्यम से कक्षाएं ली जा रही हैं। ऐसे में सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति के बाद अतिथि शिक्षक भी आनलाइन माध्यम से ही छात्रों की कक्षाएं लेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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