पंजाब में कोरोना से मृत दूसरा शख्स भी ‘ग्रंथी’

0

पंजाब में कोरोनावायरस के कारण दूसरी मौत हुई है। दूसरा शख्स राज्य में कोरोना के कारण मृत हुए पहले व्यक्ति बलदेव सिंह के निकट संपर्क में था और दोनों ‘ग्रंथी’ थे।

वे जर्मनी और इटली से लौटे थे और सात मार्च को दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने के बाद घर में अलग-थलग रहने की सलाह मिलने के बावजूद लोगों से खुलकर मिले थे।

होशियारपुर के रहने वाले 62 वर्षीय हरभजन सिंह की रविवार को मौत हो गई। उनका अमृतसर के सरकारी मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा था।

बलदेव सिंह और हरभजन सिंह ग्रंथी थे।

हरभजन सिंह की पत्नी, बेटे और बहू और एक पड़ोसी का होशियारपुर में कोरोनोवायरस का इलाज चल रहा है।

हरभजन सिंह का मेडिकल इतिहास कहता है कि वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे।

उपायुक्त शिवदुलार ढिल्लों ने अमृतसर में मीडिया को बताया कि हरभजन सिंह ने बलदेव सिंह के साथ यात्रा की थी।

राज्य के कोविड-19 पॉजिटिव मामलों में अब तक लगभग 70 प्रतिशत मामलों के फैलने में नवांशहर जिले के बंगा कस्बे के निवासी बलदेव सिंह की भूमिका होने का पता चला है, जिनका दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, लेकिन उनकी मौत के बाद उनके कोरोनावायरस पॉजिटिव होने का पता चला था।

बलदेव सिंह द्वारा 27 लोगों को संक्रमित किए जाने का संदेह है, जिसमें उनके परिवार के 14 सदस्य शामिल हैं।

हालांकि, पिछले दो दिनों में पंजाब में कोरोनोवायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleलाइफस्टाइल में बदलाव कर कोरोना वायरस से करें बचाव, इन आसान उपायों का करें इस्तेमाल
Next articleभाईचारगी की मिसाल : मुसलमानों ने हिंदू पड़ोसी का किया अंतिम संस्कार
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here