दादी को आया हार्ट अटैक तो 7 साल के पोते ने किया ये काम, देखें वीडियो !

0
75

दोस्तों, अकसर छोटे बच्चे अपनी मस्ती में मस्त रहते हैं चाहें उनके पास में कोई बीमार आदमी ही क्यों ना पड़ा हो , मगर आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसको जानने के बाद में आप भी हैरान हो जाएंगे । आपको बता दें कि यह पूरा मामला कनाडा का है जहां पर एक सात साल के बच्चे ने अपनी दादी की जान उस समय बचाई जब उसको हार्टअटैक आया । जिसके बाद में यह बच्चा चर्चा का विषय बन गया ।

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि, कनाडा के ससकाटून शहर में 10 साल के कियान और 7 साल के ग्रेसन वू अपनी दादी के साथ घर में टीवी देख रहे थे , मगर तभी उनकी दादी को हार्टअटैक आ गया. बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ उस समय उनके घर पर कोई भी बडा आदमी मौजूद नहीं था । आपको बता दें कि इन दोनों बच्चों की मां पेशे से नर्स का काम करती है । एक उनकी मां ने उन दोनों बच्चों को CPR का वीडियो दिखाया था ।

बस उसके बाद में इन दोनों बच्चों ने अपनी दादी को सीपीआर देना शुरू कर दिया और जब दादी की हालत थोडी सही हुई तो उन्होंन एंबुलेंस को बुला लिया । जिसके बाद में उनकी दादी की जान बच गई ।

 


SHARE
Previous articleबुलंदशहर हिंसा को लेकर योगी ने कही ये बड़ी बात
Next articleजम्मू-कश्मीर में इस साल तक सुरक्षा बलों ने 225 से ज्यादा आतंकवादी मारे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here