मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी में पढ़ती है कलेक्टर की बेटी, राज्यपाल आनंदी बेन ने सराहा

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मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी व कटनी के जिलाधिकारी डॉ. पंकज जैन समाज के उन बड़े और अमीर लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं, जो अपने बच्चों को निजी और बड़े नाम वाले स्कूलों में पढ़ाने को अपनी शान समझते हैं। जिलाधिकारी पंकज की बेटी पंखुड़ी आंगनबाड़ी में पढ़ने जाती है। जिलाधिकारी की इस पहल पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।

पंकज का कहना है, “पंखुड़ी जिस आंगनबाड़ी में पढ़ने जाती है, उस केंद्र के अलावा आसपास के चार-पांच केंद्र किसी प्ले स्कूल से कम नहीं हैं। जब जिम्मेदार अधिकारी अपने बच्चों को इन स्थानों पर भेजते हैं तो स्थितियां अपने आप सुधर जाती हैं, आप भी नजर रखते हैं। कोई कमी होती है तो उसमें सुधार लाने के लिए टोकते भी हैं।”

पंकज की इस पहल को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी सराहा है। उन्होंने पत्र लिखकर कहा है, “लोक सेवक समाज में प्रेरणा के केंद्र होते हैं, उनके आचरण का समाज पालन करता है। कर्तव्यों के प्रति आपकी सहजता ने मुझे अत्यधिक प्रभावित किया है, आपके इस प्रयास से शासकीय सेवकों का दायित्व बोध बढ़ेगा।”

राज्यपाल पटेल द्वारा लिखा गया पत्र रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें राज्यपाल ने आगे लिखा है, “सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन के प्रति सकारात्मक चेतना का संचार होगा। आशा है लोक सेवक के रूप में इसी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा में संलग्न रहेंगे।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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