फिल्मों की शूटिंग के लिए सरकार जल्दी ही जारी करेगी एसओपी : जावड़ेकर

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सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जल्द ही केन्द्र सरकार फिल्मों की शूटिंग के लिए एसओपी जारी करेगी। इसके साथ ही जावड़ेकर ने यह भी कहा कि फिल्मों के निर्माण को गति देने के लिये सरकार प्रोत्साहन राशि भी देगी। केन्द्रीय सूचना मंत्री ने यह जानकारी ‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ के उद्घाटन कार्यक्रम में कही। इस मौके पर उन्होंने मीडिया और मनोरंजन को साफ्ट पावर बताते हुए कहा कि सबको साथ मिलकर काम करना चाहिये।

जावड़ेकर का कहना था कि कोरोना काल में जो ठहर गया था, उसमें तेजी लाने के लिये सरकार निर्माण के सभी क्षेत्रों जैसे- टीवी सीरियल, फिल्मों के निर्माण, एनिमेशन और गेमिंग को प्रोत्साहित करेगी। इस संदर्भ में जल्दी ही घोषणा की जायेगी।

जावडेकर ने यह भी कहा कि 80 से अधिक विदेशी फिल्म निर्माताओं ने भारत में शूटिंग के लिए एकल खिड़की सुविधा का लाभ उठाया है।

यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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