महिला आरक्षण विधेयक पारित कराए सरकार : तृणमूल कांग्रेस

0
47

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को केंद्र सरकार से संसद के आगामी सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करने मांग की। साथ ही, पार्टी की मांग है कि चुनावों में मतपत्र (बैलट) का इस्तेमाल किया जाए।

संसद का आगामी सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले सर्वदलीय बैठक में टीएमसी ने सरकार से सिर्फ आपात स्थिति में ही अध्यादेश लाने का आग्रह किया।

टीएमसी नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और डेरेक ओ’ ब्रायन ने चुनाव सुधार के बारे में चर्चा की। उन्होंने चुनावों में सरकारी धन का उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बदले मतपत्र का इस्तेमाल किए जाने का मसला उठाया।

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में टीएमसी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कड़ी शिकस्त मिली। टीएमसी को 2014 में जहां 34 सीटें मिली थीं, वहां इस बार पार्टी महज 22 सीटों पर ही सिमट गई जबकि भाजपा की सीटों की संख्या दो से बढ़कर 18 हो गई।

पश्चिम बंगाल के नेताओं ने बताया कि 14वीं और 15वीं लोकसभा के दौरान करीब 75 फीसदी बिल संसदीय समितियों के पास भेजे गए थे, जबकि 16वीं लोकसभा में सिर्फ 25 फीसदी बिल समितियों के पास भेजे गए। उन्होंने कहा कि इस तरह संसद की अनदेखी की गई।

उन्होंने मिहिला आरक्षण विधेयक पास करने की मांग की। इस विधेयक के तहत विधायिकाओं में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है।

16वीं लोकसभा में टीएमसी के पास 35 फीसदी सांसद महिलाएं थीं जो वर्तमान में बढ़कर 41 फीसदी हो गई है।

टीएमसी नेताओं ने संघीय व्यवस्था के मसले पर कहा कि भाजपा की अगुवाई में केंद्र सरकार जानबूझकर प्रदेशों को निशाना बना रही है जो स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि अध्यादेश का इस्तेमाल संविधान की अवधारणा के अनुरूप में आपातकालीन औजार के रूप किया किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने 16वीं लोकसभा के दौरान इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleकांग्रेस के वादेत्तिवार होंगे महाराष्ट्र में नए नेता प्रतिपक्ष
Next articleविश्व कप : भारत ने पाकिस्तान को 89 रनों से हराया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here