जल कृषि को बढ़ावा दे रही है सरकार : तरुण श्रीधर

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केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग के सचिव तरुण श्रीधर ने बुधवार को कहा कि सरकार जल कृषि को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्रालय ने देश में जल कृषि को प्राथमिकता बढ़ावा देने के लिए ‘नीली क्रांति’ के तहत एक्यूएफ को वित्तीय मदद प्रदान की है, जिससे गुजरात, ओडिशा, महाराष्ट्र और केरल जैसे अन्य संभावित राज्यों में भी एल. वन्नामेई के उत्पादन में मदद मिलेगी।

तरुण श्रीधर ने यहां समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) की ओर से चेन्नई के नीलंकरे में जलीय संगरोध सुविधा (एक्यूएफ) के चौथे चरण की आधारशिला रखी, जिसमें आयातित पैसिफिक व्हाइट श्रिंप (एल. वन्नामेई) का उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। के लिए अपनी जलीय संगरोध सुविधा (एक्यूएफ) का विस्तार कर रहा है।

इस विस्तार से देश में श्रिंप यानी झींगा का सालाना उत्पादन तीन लाख टन से बढ़कर साढ़े तीन लाख टन होने की उम्मीद है।

प्राधिकरण की ओर से एक विज्ञप्ति में कहा गया कि एमपीईडीए की अनुसंधान एवं विकास शाखा, राजीव गांधी जल कृषि केन्द्र (आरजीसीए) द्वारा स्थापित इस एक्यूएफ में एक फ्यूमिगेशन कक्ष सहित छह क्यूबिकल्स, तीन रिसीविंग क्षेत्र और एक पैकिंग क्षेत्र होंगे। इस अतिरिक्त क्षमता की मदद से प्रति वर्ष 1,23,750 ब्रूडर्स के संगरोध में मदद मिलेगी।

व्हाइट लेग श्रिंप या किंग प्रॉन के नाम से जाने जाने वाले एल. वन्नामेई की अमेरिका, यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों में काफी मांग है। इसके ब्रूडस्टॉक्स मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका से आयात किए जाते हैं। नीलंकरै में एक्यूएफ की स्थापना 2009 में की गई थी ताकि भारत में विदेशी प्रजातियों का पालन नियमित तौर पर हो सके।

श्रीधर ने कहा कि भारत से समुद्री खाद्यों के उत्पादन और निर्यात में पर्याप्त वृद्धि करने के लिए एमपीईडीए और आरजीसीए को सभी आवश्यक सहायता दी जाएगी।

एमपीईडीए तथा आरजीसीए के अध्यक्ष डॉ. ए जयतिलक ने कहा कि एक्यूएफ ने अब तक 11 लाख से अधिक एल. वन्नामेई ब्रूडस्टॉक्स का सफलतापूर्वक संगरोध किया है।

उन्होंने कहा कि भारत से समुद्री उत्पादों का निर्यात छह अरब डॉलर से बढ़कर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है। मात्रा के लिहाज से निर्यात के बढ़कर 1.27 मिलियन टन हो जाने की उम्मीद है जो कि एक रिकार्ड होगा। उन्होंने कहा कि जल कृषि में नई पहल वर्ष 2022 तक समुद्री निर्यात से 10 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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