पेट्रोल, डीजल के दाम पर नियंत्रण सरकार की मंशा नहीं : अधिकारी

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों को दोबारा नियंत्रित करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। यह बात वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को कही। अधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल के दाम में की गई कटौती एक बार किया गया उपाय था।

पहचान जाहिर करने की इच्छा नहीं रखने वाले अधिकारी ने कहा कि देश की आर्थिक बुनियाद के घटक मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि हालात में जो पूंजी बाजार में अस्थिरता और रुपये में गिरावट देखी जा रही है, उसकी वजह विदेशी कारक हैं।

पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी शासित कई राज्यों ने भी तेल पर वैट में कटौती की। बताया गया है कि इससे उपभोक्ताओं को तेल के दाम में पांच रुपये प्रति लीटर की राहत मिलेगी।

सरकार ने तेल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की और तेल विपणन कंपनियों को एक रुपये प्रति लीटर कटौती का भार वहन करने को कहा।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र के इस फैसले से चालू वित्तवर्ष की अंतिम छमाही में 10,500 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होगा।

वित्त मंत्रालय के अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या ओएनजीसी जैसी कंपनियों को केरोसीन और रसोई गैर पर बढ़ी हुई सब्सिडी (अनुदान) को साझा करने को कहा जा सकता है, तो उन्होंने कहा, “हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं है।”

उन्होंने कहा, “भारतीय शेयर बाजार और रुपया बाजार पर बाहरी कारकों का प्रभाव है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का दाम 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे के दायरे में रहने की उम्मीद है।”

उन्होंने कहा, “अमेरिका और चीन के बीच व्यापार जंग से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है।”

उन्होंने कहा, “बहरहाल हम चालू खाते का घाटा, भुगतान संतुलन और रुपये पर नजर बनाए हुए हैं। तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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