सरकारी एजेंसियों ने देशभर में खरीदा 323 लाख टन गेहूं

0
46

सरकारी एजेंसियों ने चालू रबी विपणन वर्ष (2019-20) में देशभर के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 323 लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद कर ली है। देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में सबसे ज्यादा गेहूं की सरकारी खरीद पंजाब में हुई है, जबकि बिहार में गेहूं की सरकारी खरीद का अब तक कोई आंकड़ा अपडेट नहीं हुआ है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा सोमवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 323.68 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।

केंद्र सरकार ने इस साल देशभर में 357 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले सीजन 2018-19 में सरकारी खरीद एजेंसियों ने देशभर में 357.95 लाख टन गेहूं की खरीद की थी।

एफसीआई आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में सबसे ज्यादा 127.01 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जोकि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए तय लक्ष्य 125 लाख टन से अधिक है।

सरकारी एजेंसियों ने हरियाणा में अब तक 93.23 लाख टन गेहूं खरीदा है। मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद 65.45 लाख टन हो चुकी है जबकि देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में महज 26.56 लाख टन गेूहं की खरीद हो पाई है।

एफसीआई के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 10.89 लाख टन, उत्तराखंड में 39,000 टन, चंडीगढ़ में 12,000 टन, गुजरात में 5,000 टन और हिमाचल प्रदेश में 1,000 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है, जबकि बिहार में गेहूं की सरकारी खरीद का कोई आंकड़ा एफसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

केंद्र सरकार ने चालू विपणन वर्ष के लिए गेहूं का न्यनूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1,840 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

सरकार ने इस साल सबसे ज्यादा पंजाब में 125 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में पिछले सीजन में 126.92 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी।

हरियाणा में इस साल 85 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले साल सरकारी एजेंसियों ने प्रदेश में 87.84 लाख टन गेहूं खरीदा था।

देश के दूसरे सबसे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश में इस साल 75 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि प्रदेश में पिछले साल 73.13 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी।

देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में इस साल 50 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल उत्तर प्रदेश में सरकारी एजेंसियों ने कुल 52.94 लाख टन गेहूं की खरीद की थी।

राजस्थान में इस साल 17 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है जबकि पिछले साल प्रदेश में 15.32 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी।

इस साल बिहार में और उत्तरखंड में दो-दो लाख टन और गुजरात में 50,000 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा अन्य राज्यों में 50,000 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। पिछले साल उत्तराखंड में 1.10 लाख टन, गुजरात में 37,000 टन, हिमाचल प्रदेश में 1,000 टन बिहार में 18,000 टन और चंडीगढ़ में 14,000 टन गेहूं की खरीद हुई थी।

केंद्रीय कृषि सहाकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा फरवरी में जारी दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, इस साल देश में गेहूं का उत्पादन 99.12 करोड़ टन हो सकता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleरेड़मी Y3 की सेल आज से , मिलेगा इतना डेटा फ्री..
Next articleमंगल पर कामयाबी के बाद, अब शुक्र ग्रह पर भारत भेजेगा मिशन
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here