Madhya Pradesh में सुशासन सरकार की प्राथमिकता : शिवराज

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता के नाम दिए अपने संदेश में कहा है कि सुशासन मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार सज्जनों के लिए फूल से अधिक कोमल और दुर्जनों के लिए वज्र से भी अधिक कठोर है। चौहान ने अपने संदेश में कहा कि “गरीब और किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। आमजन के हितों को संरक्षित रखा जाएगा। राज्य सरकार सी.एम. हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन को पुन: प्रभावी ढंग से शुरू कर रही है। इससे जनता को सरकार के और करीब लाया जाएगा।”

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैदानी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं से अवगत होने के लिए वे स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे। राज्य सरकार प्रदेश में हर तरह के माफिया की कमर तोड़ने और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पित है। सरकार ने जो कहा वो जमीन पर कर दिखाया है। प्रदेश में चैतरफा माफिया, तस्कर, गुंडों-बदमाशों के विरुद्ध कार्रवाई चल रही है। पिछले कुछ दिनों में इंदौर, भोपाल, मंदसौर, आगर, नीमच, जबलपुर, सतना और उज्जैन में कड़ी और बड़ी कार्रवाई की गई है। इसी तरह प्रदेश में मिलावटखोरों को सबक सिखानें के लिए मिलावट से मुक्ति अभियान प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बहन-बेटियों को डरा-धमका कर, बहला-फुसला कर शादी की जाती है और फिर धर्मातरण का कुचक्र चलता है। बेटी के जीवन को नरक बना दिया जाता है। राज्य सरकार इसे रोकने के लिए विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक लाकर कानून बनाएगी। बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा हर कीमत पर की जाएगी। दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। “महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार का लक्ष्य है। हम इसे हासिल करेंगे।”

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “किसान प्रदेश की आत्मा है। किसानों की चिंता करना मैंने अपना पहला कर्तव्य माना है। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की संसद में किसानों के लिए और कृषि की उन्नति के लिए तीन कानून बनाए, जो पूरी तरह से किसानों के हित में है। किसान को अपनी फसल बेचने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। चाहे वह फसल मंडी में बेचें या मंडी के बाहर बेचें। उसे घर बैठे फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। किसान को अनेक विकल्प मिलेंगे। किसान को बोनी के समय ही फसल की अच्छी कीमत मिल सकती है। विपरीत स्थितियों में किसान किसी भी कान्ट्रेक्ट से बाहर आ सकता है। समर्थन मूल्य पर फसल की खरीदी की व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। मंडियां चालू रहेंगी। हम पूरी ताकत से किसानों का हित साधने वाले इन कानूनों के समर्थन में खड़े हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में और प्रदेश के कुछ जिलों में कोरोना का संक्रमण फिर बढ़ा है। सर्दी में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। इसलिये सावधान रहने की जरूरत है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, धार, विदिशा जिलों में अधिक सतर्कता बरतनें और ध्यान देने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए समाज के साथ मिलकर हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। खुशी की बात है कि जल्दी वैक्सीन आने की संभावना भी बढ़ गई है। लेकिन अभी जब-तक वैक्सीन नहीं आ जाए, तब-तक किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें।

चौहान ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विकास की नई यात्रा प्रारंभ करने, लोकल को वोकल बनाने, स्थानीय भाई-बहनों द्वारा बनाई वस्तु का उपयोग करने, खरीदने और स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाई गई वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस तरह हम प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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