गोल्फ : टेक सॉल्यूशंस मास्टर्स के दूसरे दिन डेनथाई को बढ़त

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थाईलैंड के डेनथाई बूनमा ने टेक सॉल्यूशंस मास्टर्स गोल्फ टूर्नामेंट के दूसरे दिन शुक्रवार को दिन का अंत पहले स्थान के साथ किया। कर्नाटक गोल्फ संघ (केजीए) कोर्स में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में डेनथाई ने दूसरे दिन 10 अंडर 61 का स्कोर कर पहले स्थान पर कब्जा जमाया। 71 पार स्कोर के इस कोर्स में कुल 15-अंडर 127 के स्कोर के साथ डेनथाई पहले स्थान पर हैं जबकि अर्जेटीना के मिग्युएल कारबालो (66-66) और मेवरिक एंटक्लिफ (67-65) के साथ कुल 10 अंडर 132 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।

इन तीनों के पीछे भारत के एस. चिक्कारंगप्पा हैं जिन्होंने दूसरे दिन 64 का स्कोर कर चौथा स्थान हासिल किया। पहले दिन उन्होंने 69 का स्कोर किया था। वहीं पांचवें स्थान पर एस.एस.पी. चौरसिया हैं जिन्होंने दूसरे दिन 65 का स्कोर किया।

दूसरे दिन डेनथाई ने एक भी बोगी नहीं लगाई। दिन का खेल खत्म होने के बाद डेनथाई ने कहा, “मैं सुबह बुद्ध का पेंडेट भूल गया था। यह मेरा लकी चार्म है। इसलिए मैं अपने होटल वापस गया और 20 मिनट के अंदर वापस उसे लेकर टी के पहले आ गया।”

उन्होंने कहा, “मैं अपने सिर में थाईलैंड का गाना गा रहा था। मैं इसे कल (शनिवार को) भी जारी रखना चाहूंगा। यह मुझे शांत रखने में मदद करता है। मैं हमेशा हंसता रहूंगा और लुत्फ उठाता रहूंगा।”

चिक्कारंगप्पा और चौरसिया के अलावा शीर्ष-10 में भारत के खलिन जोशी और हनी बसोया हैं। जोशी संयुक्त रूप से छठे स्थान पर हैं तो वहीं बसोया संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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