गोल्फ : केमिले की नजर इंडियन ओपन का खिताब बचाने पर

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फ्रांस की महिला गोल्फ खिलाड़ी केमिले चेवलायर की नजर भारत में लगातार दूसरा खिताब जीतने पर है। केमिले ने पिछले साल हीरो महिला इंडियन ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस बार उनकी कोशिश अपने खिताब की रक्षा करने की है। हीरो महिला इंडियन ओपन की शुरुआत अगले सप्ताह से हो रही है जो यहां के डीएलएफ गैरी प्लेयर्स गोल्फ क्लब पर खेला जाएगा।

केमिले ने पिछले साल आखिरी आठ होल में पांच बर्डी लगाते हुए खिताब जीता था। उन्होंने बेहद करीबी मुकाबले में स्कॉटलैंड की मिशेल थॉमसन को मात दी थी जो 15 होल तक आगे चल रही थीं।

केमिले ने कहा कि पेरिस में ले गोल्फ नेशनल कोर्स पर अभ्यास करने से उन्हें काफी मदद मिली है, जिसका फायदा उन्हें गैरी प्लेयर कोर्स पर मिलेगा।

केमिले ने एक बयान में कहा, “यह तकनीकी रूप से थोड़ा अलग कोर्स है। इसलिए आपको अलग-अलग तरह के शॉट खेलना आना चाहिए। यह अमेरिकी कोर्स से काफी अलग है।”

उन्होंने कहा, “मैं सायमेत्रा टूर पर खेली हूं, जो काफी खुला हुआ है और आप वहां काफी बर्डी लगा सकती हैं। डीएलएफ में भी आप बर्डी लगा सकती हैं, लेकिन इसके लिए आपको काफी स्मार्ट खेल खेलना होगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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