Gorkhpur में फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा सुनहरी महोत्सव

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सेहत के लिए फिक्रमंद हैं और जायके के शौकीन तो यह खास महोत्सव आप के लिए ही है। ‘एक जिला एक उत्पाद’ की तर्ज पर ‘एक जिला एक विशिष्ट खाद्य पदार्थ’ की योजना की तरफ बढ़ रही योगी सरकार के इस अभिनव पहल के आप भी मुरीद हो जाएंगे। विटामिन ए और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर और स्वाद में बेजोड़ सुनहरी शकरकंद को लेकर गोरखपुर में फरवरी के दूसरे सप्ताह में सुनहरी महोत्सव होने जा रहा है। इस दौरान सुनहरी शकरकंद के उत्पादन, विपणन और उपभोग बढ़ाने की चर्चा तो होगी ही, सुनहरी के 20 से अधिक लजीज व्यंजनों का भी स्वाद लिया जा सकेगा। आयोजन स्थल होगा रैडिसन होटल होगा। इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करेंगे। सुनहरी महोत्सव की तैयारियों के सिलसिले में गुरुवार को एक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि सुनहरी शकरकंद के जरिये गोरखपुर का फ्लेवर पूरी दुनिया में पहुंचे। महोत्सव का आयोजन इसी ध्येय से किया जा रहा है। पोषण के खजाने सुनहरी शकरकंद को आंगनबाड़ी के हॉट कुक्ड योजना और परिषदीय स्कूलों के मिड डे मील योजना में भी शामिल करने का प्रस्ताव शासन को गोरखपुर से भेजा जाएगा। जिलाधिकारी ने होटल रैडिसन के प्रतिनिधियों से कहा कि वह तैयारी कर लें कि सुनहरी के व्यंजनों को स्टार्टर, मेन कोर्स और डेजर्ट के रूप में कैसे परोसा जा सकता है। महोत्सव में उस शकरकंद के डिशेज और अन्य उपयोग पर भी चर्चा की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस बात की पड़ताल कराई जाएगी कि सुनहरी शकरकंद की खेती का क्षेत्रफल जिले में किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है। इसका उत्पादन बढ़ेगा तो कुपोषण की समस्या तो दूर होगी ही, किसानों की आय में भी इजाफा होगा। बैठक में उप निदेशक उद्यान डी.के. वर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पोषण वाटिकाओं में सुनहरी शकरकंद की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। बैठक में बेसिक शिक्षा, आंगनबाड़ी, आजीविका मिशन आदि विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सुनहरी शकरकंद के व्यंजन अब गोरखपुर के रेस्तरांओं में भी बनेंगे। इसकी शुरूआत सुनहरी महोत्सव के दौरान होटल रैडिसन से होने जा रही है। इस होटल के शेफ 20 से अधिक डिशेज परोसेंगे। फिलहाल गोरखपुर में कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी की टीम ने चिप्स, जूस, हलवा, सुनहरी की पत्तियों के पकोड़े आदि 20 डिश तैयार किए हैं।

कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी ने सुनहरी शकरकंद के गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सुनहरी की खेती के लिए अफ्रीकी देशों में प्रोजेक्ट वर्क कर चुके चौधरी ने बताया कि यह तेजी से उत्पादित होने वाली फसल है और इसमें विटामिन ए बीटा कैरोटीन के रूप में प्रचुरता से मौजूद है। इसके पोषक गुणों के चलते ही बीते तीन साल से वल्र्ड फूड प्राइज इसी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को मिल रहा है।

गोरखपुर के बगल में स्थित महराजगंज जिले के वनटांगिया किसान रामगुलाब की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में कर चुके हैं। रामगुलाब एफपीओ बनाकर सुनहरी की खेती कर रहे हैं और उनके उत्पाद की अब मुंबई और गुजरात मे होगी। इसके लिए उन्होंने गुजरात की एक कम्पनी से करार किया है।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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