टी-20 से बाहर जाना, टेस्ट में बेहतर करने का मौका : कुलदीप

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चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। वह हालांकि इस बात से निराश नहीं हैं और उनका कहना है कि इससे उन्हें टेस्ट मैचों के लिए तैयारी करने में मदद मिलेगी। कुलदीप इस समय इंडिया-ए के साथ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं।

मैच के बाद कुलदीप ने संवाददाताओं से कहा, “अगर आप लगातार टेस्ट नहीं खेलते हो तो खेल के लंबे प्रारूप को खेलना काफी मुश्किल होता है। अगर आप लगातार टेस्ट नहीं खेलते तो लय में आने में समय लगता है। जब आप सीमित ओवरों में खेलते रहते और फिर टेस्ट खेलते हो तो भी काफी मुश्किल होती है।”

चाइनामैन गेंदबाज ने कहा, “आपको लंबे स्पैल डालने होते हैं, अभ्यास मैच खेलने होते हैं, फील्ड कैसे लगानी है समझना होता है और देखना होता है कि विकेट कैसे लेने हैं। मेरे लिए जरूरी था कि मैं यहां इंडिया-ए से खेलूं और ज्यादा से ज्यादा ओवर करूं। अभी काफी कुछ काम करना बाकी है।”

कुलदीप भारत की टेस्ट टीम का नियमित हिस्सा हैं। वह हालांकि विंडीज दौरे पर अंतिम-11 में जगह नहीं बना पाए थे।

भारत को अपने घर में दक्षिण अफ्रीके के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी हैं। घर में भारत दो स्पिनरों के साथ उतर सकता है। ऐसे में कुलदीप को अंतिम-11 में मौका मिल सकता है।

कुलदीप ने कहा, “टीम में मेरे, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को मिलाकर तीन स्पिनर हैं। सही सयंजोन चुनना काफी मुश्किल होता है। आपको मौका भुनाने के लिए तैयार रहना पड़ता है। जाहिर सी बात है कि आपको कम मौके मिलते हैं तो आप पर दवाब रहता है।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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