राज्यसभा में हुआ जमकर हंगामा, जानिए इसके बारे में ! 

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राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। कार्यवाही गुरुवार को बार-बार स्थगित की गई और विरोध प्रदर्शन के बीच आखिर में सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन स्थगन के बाद जब 2 बजे फिर बैठा तो अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके), तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी), तृणमूल कांग्रेस व वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आसन के पास आ गए। इन सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी की और तख्तियां दिखाईं।

टीडीपी व वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने ‘आंध्र प्रदेश के लिए न्याय’ की मांग की। अन्नाद्रमुक ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड के लिए नारेबाजी की व तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने तख्तियों के साथ पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई बर्न स्टैंडर्ड कंपनी को घाटे की वजह से बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन किया।

उप सभापति पी.जे.कुरियन ने कहा कि वह भ्रष्टाचार रोकथाम (संशोधन) विधेयक पर मत विभाजन शुरू करेंगे, जो बुधवार को सदन के अव्यवस्थित होने की वजह से नहीं हो सका था।

कुरियन ने कहा, “यदि कोई सदस्य मत विभाजन के लिए कहता है तो आसन को इसका पालन करना होता है। इसलिए मैंने कल (बुधवार) जहां छोड़ा था वहीं से शुरू करूंगा।”

उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीट पर जाने के लिए कहा, जिससे कि मतदान की शुरुआत हो सके।

लेकिन, प्रदर्शन कर रहे सदस्य नहीं हटे और उन्होंने नारेबाजी जारी रखी।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने विरोध कर रहे सदस्यों से सदन को भ्रष्टाचार विरोधी विधेयक व अन्य कानूनों को पारित करने देने को कहा। लेकिन, विरोध कर रहे सदस्यों ने उनकी बात को तरजीह नहीं दी।

इसके बाद कांग्रेस के सदस्य भी आसन के सामने एकत्र हो गए।

कुरियन ने कहा कि कुछ सदस्यों के खराब व्यवहार के कारण वह चर्चा कराने में असमर्थ हैं और उन्होंने सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

इसके बाद सदन 2.26 बजे फिर बैठा लेकिन सदस्यों ने अपना प्रदर्शन फिर शुरू कर दिया।

कुरियन ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों को निलंबित करने की धमकी दी। उन्होंने कहा, “मेरे पास दो विकल्प है। मैं या तो मत विभाजन शुरू करूं या सदन के मध्य में खड़े सभी सदस्यों को निकालने के लिए एक प्रस्ताव लाया जाए, जिससे आप सभी अपना मतदान का अधिकार खो देंगे।”

उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वह मतदान में भाग लें और यदि वे विधेयक का विरोध करते हैं तो इसे अपने वोट से अस्वीकार करें।

लेकिन नारेबाजी जारी रही, इस पर कुरियन ने कहा, “क्या मुझे निलंबन प्रस्ताव पर बढ़ना चाहिए।”

जब विरोध प्रदर्शन कर रहे सदस्य अपनी जगह से नहीं हटे तो कुरियन ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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