क्या आपक भी मास्टर है इतने चतुर जितने, यह टीचर है

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मास्टर जी एक होटल में ख़ाली कटोरी में रोटी डुबो-डुबो कर खा रहे थे।

वेटर ने पूछा:
मास्टरजी ख़ाली कटोरी में कैसे खा रहे हैं?

मास्टर जी:
भइया, हम गणित के अध्यापक हैं।
दाल हमने मान लीहै।


मास्टर:
दो में से दो गए कितने बचे ?

सरदार:
समझ में नहीं आया
मास्टर जी

मास्टर:
बेटा समझो तुम्हारे पास
दो रोटी हे,
तुमने वो दो रोटी खा ली बताओ तुम्हारे पास क्या बचा

सरदार: सब्जी

आज 8 बजे कुतों की रेस है।
मुझे वहाँ जाना है।

Wife: आप भी ना….
हद करते हो।
ठीक से चला जाता नहीं और रेस लगाने की पड़ी है ।।

एक बार फौजी घर छुटटी आया ।

उसने घर आकर एक भैस खरीद ली।
फौजी जब भी भैस को खोलता तो हर बार फौजी के हाथ से छूटकर भाग जाती ।
एक दिन फोजी ने भैस को बहुत मारा ।

फौजी की पत्नी बोली इतना मत मारो नही तो यह दूध नही देगी ।

फौजी बोला साला मुझे दूध नही चाहिऐ… Discipline चाहिऐ – Discipline.!!


एक जमाना था जब प्यार में लोग अमर होते थे।
फिर समय आया लोग प्यार में अँधे हो जाते थे।

अब तो समय वो है जब प्यार में लोग
तोतले हो जाते हैं।

अले मेला बाबूगुच्छा हो गया

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