एफएसडीएल ने शुरू किया आईएसएल चिल्ड्रेंस लीग

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हीरो इंडियन सुपर लीग का आयोजन करने वाली फुटबाल स्पोटर्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) ने अपना दूसरा सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट-आईएसएल चिल्ड्रेंस लीग के लॉन्च की घोषणा की। एफएसडीएल की प्रमुख नीता अम्बानी की सोच आईएसएल चिल्ड्रेंस लीग की घोषणा अगस्त 2019 में की गई थी। इस लीग में 6 से 12 साल के बच्चे हिस्सा लेंगे और इसके माध्यम से भारतीय फुटबाल के आने वाले सितारों की खोज की जाएगी।

पहले साल में आईएसएल चिल्ड्रेंस लीग का आयोजन पश्चिम बंगाल, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में किया जाएगा। इसके तहत चार कटेगरी (यू-6, यू-8, यू-10 और यू-12) में 14 हजार से अधिक बच्चों के पंजीकरण किया गया है।

यह सीजन मार्च 2020 में समाप्त होगा। अगले तीन साल में एफएसडीएल का प्लान चिल्ड्रेंस लीग को 12 राज्यों तक विस्तारित करने की है और इसके तहत 40 हजार से अधिक बच्चों का पंजीकरण किया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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