सड़कों से लेकर मेट्रो तक निर्वस्‍त्र ही घूमी मॉडल, किसी ने नहीं दिया ध्यान!

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क्या कभी आपने सुना है कि, कोई मॉडल सडकों पर न्यूड घूमें और उसे किसी ने देखा ना हो, सुनने में ही थोडा अजीब लगता है ना, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ही मॉडल के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि हाल ही में सडकों पर न्यूड घूमी लेकिन उसे किसी ने भी नहीं देखा । अचरज में आए गए ना? सोच रहें होंगे कि आखिरकार इस मॉडल ने ऐसा क्या किया जिससे लोगों ने उसे सड़क पर निर्वस्‍त्र होने के बाद भी नहीं देखा? नो पैंट्स आर द बेस्ट पैंट्स। इसी मैसेज के साथ एक मॉडल हॉन्ग-कॉन्ग की सड़कों पर घूमी ।

उसने टी-शर्ट तो पहनी हुई थी, लेकिन उससे नीचे कुछ नहीं । जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉडी पेंट आर्टिस्ट सैंड्रा बैकर के बारे में, जिन्होंने एक ब्लॉन्ड मॉडल को पेंट किया। उन्होंने मॉडल को कमर से लेकर पैर तक ऐसे पेंट किया जैसे उसने नीले रंग की जीन्स पहन रखी हो । इसके बाद ये देखने के लिए कि बॉडी पेंट को लोग पकड़ पाते हैं या नहीं, उन्होंने कॉनफिडेंस के साथ मॉडल को सड़क पर, मॉल में और मेट्रो में भी सफर करने के लिए बोल दिया लेकिन किसी ने भी उनको नहीं पहचाना ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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