farmer movement के चलते पंजाब में मालगाड़ी सेवा ठप

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पंजाब के कई हिस्सों में अनिश्चितकालीन ‘किसान रेल रोको’ आंदोलन ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मालगाड़ियों की आवाजाही को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उत्तर रेलवे के अनुसार, किसान आंदोलन के कारण माल ढुलाई रुकी हुई है।

पंजाब के किसान संसद से पारित विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसान संघ नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

उत्तर रेलवे ने किसानों के आंदोलन को देखते हुए कई यात्री ट्रेनों को भी रद्द कर दिया है।

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा, मालगाड़ी सेवा रुकने के साथ ग्राहक को आश्वस्त करना मुश्किल है कि उनका माल समय पर उनके गंतव्य स्थान तक पहुंच जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के मद्देनजर मालगाड़ी सेवा रुकने से कोयला, सीमेंट, उर्वरक और कंटेनरों का परिवहन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

कुमार ने कहा कि उत्तर रेलवे औसतन प्रतिदिन पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों को कवर करते हुए लगभग 50 से 70 मालगाड़ियों को चलाता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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