मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश थिप्से कांग्रेस में शामिल

0
249

मुंबई और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश रह चुके न्यायमूर्ति अभय महादेव थिप्से मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। पार्टी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्यसभा सांसद कुमार केतकर और अन्य नेताओं की उपस्थिति में थिप्से का स्वागत किया।

न्यायमूर्ति थिप्से (64) शतरंज के भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से के भाई हैं। वह विभिन्न मामलों में अपने उल्लेखनीय फैसलों के लिए चर्चित हैं।

वह 1987 में महाराष्ट्र न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे और इसके बाद 2007 में वह जलगांव में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने।

मार्च 2011 में वह मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और इसके बाद मई 2016 में उनका स्थानांतरण इलाहाबाद उच्च न्यायालय में हुआ, जहां वह पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए।

अपने अदालती करियर में कई वर्षो तक न्यायमूर्ति थिप्से ने कई अदालतों और विशेष अदालतों में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान मई 2015 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को 2002 में बांद्रा सड़क दुर्घटना मामले में जमानत देने और उनकी पांच साल कारावास की सजा को निरस्त करने सहित कई बहुचर्चित मामले उन्होंने निपटाए थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleन्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज रिचर्ड हेडली को कैंसर
Next articleमुंबई : राहुल की प्रेस वार्ता केवल 2:45 मिनट तक चली
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here