झारखंड के पूर्व मंत्री ने रांची कोर्ट में समर्पण किया

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झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र राव ने सोमवार को यहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।

साव ने भीड़ को भड़काने से जुड़े एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ऐसा किया है।

न्यायालय ने साव को सशर्त जमानत देते हुए अपनी विधायक पत्नी निर्मला देवी के साथ भोपाल में रहने को कहा था। न्यायालय ने चार अप्रैल को साव की जमानत रद्द कर दी थी और उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायालय में समर्पण करने के लिए कहा था।

झारखंड सरकार ने साव की जमानत रद्द करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाई थी। सरकार का कहना था कि साव राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं और इस सिलसिले में वह नियमित तौर पर नई दिल्ली और झारखंड आते रहे हैं।

साव पर 2016 में हजारीबाग जिले में भीड़ को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है। भीड़ ने उकसाए जाने के बाद गोली चलाई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे।

समर्पण से पहले साव ने कहा, “यह मेरे खिलाफ षड़यंत्र है। मैं कोर्ट से जुड़े मामलों को लेकर रांची आता था। अब मैं उच्च न्यायालय जाऊंगा। मुझे न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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