दिल्ली आने वालीं 25 ट्रेनों की रफ्तार पर कोहरे ने लगाई ब्रेक, 1 से 6 घंटे तक लेट

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दिल्ली आने वालीं 25 ट्रेनें कोहरे और ठंड की वजह से देर से चल रही हैं। ये ट्रेनें 1 से लेकर 6 घंटे तक लेट से बताई गई हैं। सबसे ज्यादा लेट चेन्नई- निजामुद्दीन दूरंतो एक्सप्रेस है जो 6 घंटे की देरी से दिल्ली आ रही है, जबकि राजेन्द्र नगर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 1 घंटे की देरी से दिल्ली पहुंच रही है। अन्य ट्रेनों में वाराणसी-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 4 घंटे, कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट, कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस 1 घंटे 30 मिनट, दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रान्ति एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट, पुरी-नई दिल्ली पुरुषोतम एक्सप्रेस 4 घंटे 30 मिनट, डिब्रूगढ़-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल 4 घंटे, हावड़ा-नई दिल्ली दूरंतो एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट, बरौनी-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस 2 घंटे 30 मिनट, इलाहाबाद-नई दिल्ली प्रयागराज एक्सप्रेस 3 घंटे 30 मिनट, रीवा-आनन्द विहार रीवा एक्सप्रेस 4 घंटे, भागलपुर-आनन्द विहार विक्रमशीला एक्सप्रेस 3 घंटे और भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 1 घंटे 45 मिनट की देरी से दिल्ली पहुंच रही हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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