FM Nirmala Sitharaman द्वारा भारत में US कम्पनियों से Investment की तैयारी

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के निदेशक मंडल के साथ चर्चा की गई है, जिसके दौरान विशेष रूप से विनिर्माण और बुनियादी ढांचों के क्षेत्रों में भारत के साथ अमेरिकी कंपनियों के निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह से स्वागत के लिए भारत तैयार है। यूएसआईएसपीएफ द्वारा जारी बयान के अनुसार, बोर्ड के सदस्यों के साथ में वित्त मंत्री के साथ चर्चा भारत में व्यापार करने के लिए इस पर केंद्रित की गई थी।

FM Nirmala Sitharaman's steps will strengthen India's position as global  investment destination, says US industry - The Financial Expressडिजिटलीकरण और फिनटेक जो की भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में कृषि और साथ ही कृषि संरचना सहित निजी क्षेत्र की भागीदारी की महत्वपूर्णता दिखा रही थी। इसके साथ ही यह कौशल विकास केंद्र के साथ में स्वास्थ्य के साथ में देखभाल कोरोना के लड़ने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों को कम करने और भविष्य के कार्यों के साथ में संभावित निर्देशों को जोड़ा गया है। जिसमें की आने वाले वर्षों में इसका बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सरकारी खर्च की भूमिका के रूप में और साथ ही साथ भारत में विनिर्माण के साथ में रसद क्षेत्र पर विशेष रूप से जोर देने के साथ में चर्चा की गई है।

Indian budget will attract more FDI, say US industry leaders - business  news - Hindustan Timesभारत में अमेरिकी कंपनियों के लिए अग्रणी तोर पर निवेश में गंतव्य तोर पर इसे बनाया गया है, जिसके साथ ही 2020 में यह 20 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर रहा है। जहाँ यह संयुक्त रूप से राज्य में अमेरिका और भारत की आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में यह महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार के रूप में कार्यरत हैं। कंपनी ने आगे बयान में यह कहा गया है कि यूएस-भारत के लिए आर्थिक और वित्तीय साझेदारी दोनों देशों के विकास के लिए यह प्रमुख स्तंभों पर आधारित की गई है।

Budget 2019 live updates | ₹70,000 crore recapitalisation for public sector  banks - The Hinduजिसमें की यह मजबूत पूंजी प्रवाह और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर अपने आर्थिक सहयोग को शामिल करने में कार्यरत है।यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और सीईओ ,डॉ. मुकेश अघी ने अपने बयान में यह कहा है की , “हमारा मानना ​​है कि अमेरिकी कंपनियों के निवेश से नई नौकरियां अवश्य मिलेगी , वित्तीय सुविधा और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक आर्थिक विकास भी होगा।

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